कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर टीएमसी की ओर से अब आदिवासियों और दलितों को रिझाने पर जोर दिया जाने लगा है। उसने “तफसीलीर संलाप” अभियान शुरू किया है।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर टीएमसी की ओर से अब आदिवासियों और दलितों को रिझाने पर जोर दिया जाने लगा है। उसने “तफसीलीर संलाप” अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत टीएमसी के नेता-कार्यकर्ता राज्य के आदिवासियों और दलितों के 84 बहुल क्षेत्रों में जाएंगे और वे मुख्ममंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा आदिवासियों और दलितों के हित के लिए उठाएं तमाम कदमों और कल्याणकारी योजनाओं के बारे में प्रचार करेंगे।
TMC का 84 इलाकों में अभियान
टीएमसी सूत्रों के अनुसार पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद अभिषेक बनर्जी ने आदिवासियों और दलितो को रिझाने के मकसद से ही नई योजना “तफसीली संलाप” बनाई है। इस योजना के चगत राज्य भर में ऐसे 84 इलाके तय किए गए हैं जहां आदिवासियों (अनुसचित जनजाति) और दलितों (अनुसूचित जाति) की संख्या ज्यादा है। टीएमसी के नेता-कार्यकर्ता उनके इलाकों में घर-घर जाएंगे और उन्हें विस्तार से समझाएंगे कि ममता सरकार ने उनके हित में क्या-क्या किया है।
TMC का आदिवासी-दलित अभियान
केवल उनके लिए क्या-क्या विशेष योजनाएं बनाई गई हैं और लागू की गई है। टीएमसी के नेता-कार्यकर्ता आदिवासियों और दलितों को यग भी बताएंगे कि भाजपा शासित राज्यों में आदिवासियों और दलितों की क्या स्थिति है। उनके अधिकारी किस तरह छीने जा रहे हैं। कितने अत्याचार किए जा रहे है। केंद्र की भाजपा के नेतृत्व की सरकार ने नये-नये कानून बना कर किस तरह आदिवासियों और दलितों को समने संकट खड़े किए गए हैं।
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