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आत्महत्या की घटना को लेकर एसआईआर के विरोध में..

आत्महत्या की घटना को लेकर एसआईआर के विरोध में 4 नवंबर को सीएम ममता बनर्जी करेंगी रैली

West Bengal : चुनाव आयोग ने पुराने और नए वोटर लिस्टों में वोटरों की मैचिंग (मिलान) का काम पूरा कर लिया है। देखा यह गया कि पुराने वोटर लिस्ट में जिन वोटरों के नाम हैं, उनमें से अधिकतर वोटरों के..

आत्महत्या की घटना को लेकर एसआईआर के विरोध में 4 नवंबर को सीएम ममता बनर्जी करेंगी रैली

आत्महत्या की घटना को लेकर एसआईआर के विरोध में 4 नवंबर को सीएम ममता बनर्जी करेंगी रैली |

West bengal : टीएमसी आला और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 4 नवंबर को कोलकाता में जोड़ासांकू में स्थित कवि गुरू रवींद्रनाथ ठाकुर के निवास से कोलकाता मैदान में रेड रोड पर स्थित डा भीमराव आंबेडकर की मूर्ति तक रैली करेंगी। उनकी रैली राज्य में हुई आत्महत्या की घटनाओं को लेकर एसआईआर के विरोध में होगी। रैली में राष्ट्रीय महासचिव व सांसद अभिषेक बनर्जी समेत टीएमसी के सभी पदाधिकारी, विधायक, सांसद, राज्य के मंत्री हिस्सा लेंगे। 

टीएमसी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक पूरे राज्य में एसआईआर को लेक आमलोगों में भय व्याप्त है। लोगों को नए वोटर लिस्ट में उनके नाम को शामिल नहीं किए जाने का भय है। राज्य में हुई आत्महत्या की घटनाओं के लिए चुनाव आयोग और केंद्र सरकार जिम्मेदार है। विधानसभा चुनाव के ठीक पहले जल्दबाजी में एसआईआर का कार्य किया जा रहा है। एसआईआर के लिए राज्य सरकार और राजनीतिक पार्टियों को  विश्वास में नहीं लिया गया।  

बिहार में जिस तरह चुनाव आयोग द्वारा जोरजबरदस्ती की गई, वैसी ही जोरजबरदस्ती पश्चिम बंगाल में की जा रही है। टीएमसी इसे बर्दाश्त नहीं करेगी और इसका विरोध होगा। टीएमसी नेताओं का कहना है कि 2002 में एसआईआर का कार्य दो साल में हुआ था लेकिन चुनाव आयोग इस बार यही कार्य दो महीने में कराना चाहती है। आखिर उसे किस लिए हड़बड़ी है। बीजेपी पर निशाना साधते हुए टीएमसी नेताओं का कहना है कि बीजेपी चुनाव आयोग के साथ मिलजुल कर इस राज्य में बड़ी संख्या में वैध वोटरों को वोटर लिस्ट से हटान चाहते हैं।

बीजेपी नेताओं के खुले आम कहा है कि वोटर लिस्ट से एक करोड़ से भी अधिर वोटर हटाए जाएंगे। अब यह स्पष्ट है कि बीजेपी नेताओ की क्या मंशा है। बीजेपी बिहार में सत्ता में हैं और वहां वह वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटवाने में कामयाब हो गई। इसी तरह वह पश्चिम बंगाग में वोटरों के नामों को ही गायब करने की साजिश रच रही है। टीएमसी नेताओं ने बीजेपी और विधानसभा में विपक्षी दल के नेता शुभेंदु अधिकारी पर आरोप लगाया कि वे इस राज्य में राष्ट्रपित शासन लागू कराने की धमकी दे चुके हैं। 

इधर बीजेपी और विधानसभा में विपक्षी दल के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की 4 नवंबर को होने वाली रैली के बारे में कहा कि एसआईआर में बाधा डालने के लिए यह रैली है। टीएमसी को वोटर लिस्ट से बड़ी संख्या फर्जी और बांग्लादेश के घुसपैठियों के नामों को हटाए जाने पर आगामी विधानसभा चुनाव में हारने का भय सता रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी लाख विरोध कर ले, एसआईआर का कार्य नहीं थमेगा। उन्होंने कहा कि आत्महत्या की घटनाओं के पीछे भी टीएमसी की साजिश होने की संभावना है। उन्होंने साफ नकार दिया कि एसआईआर की वजह से राज्य में वोटरों में कोई भय है। टीएमसी का यह झूठा प्रचार है। आम लोग नहीं बल्कि वह खुद भयभीत है।

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