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टीएमसी सांसद ममता बाला ठाकुर ने की 5 नवंबर से..

टीएमसी सांसद ममता बाला ठाकुर ने की 5 नवंबर से आमरण अनशन करने की घोषणा

कोलकाता। टीएमसी सांसद ममता बाला ठाकुर मतुया समुदाय से संबंधित मांगों को लेकर 5 नबंवर सा आमरण अनशन करेगी। मतुया समुदाय अनुसूचित जाति है। सांसद की मांग है कि चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करें..

टीएमसी सांसद ममता बाला ठाकुर ने की 5 नवंबर से आमरण अनशन करने की घोषणा

टीएमसी सांसद ममता बाला ठाकुर ने की 5 नवंबर से आमरण अनशन करने की घोषणा |

West bengal : कोलकाता। टीएमसी सांसद ममता बाला ठाकुर मतुया समुदाय से संबंधित मांगों को लेकर 5 नबंवर सा आमरण अनशन करेगी। मतुया समुदाय अनुसूचित जाति है। सांसद की मांग है कि चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करें कि एसआईआर के दौरान मतुया समुदाय के एक भी वोटर का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा। उनकी यह मांग पूरी नहीं होने तक वे अनशन पर बैठी रहेगी। 

गौरतलब है कि टीएमसी आला और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एसआईआर के मुद्दे को लेकर कोलकाता में 4 नवंबर को रैली निकालेंगी। 4 नवंबर से ही पश्चिम बंगाल में एसआईआर का प्रक्रिया शुरू होगी। एक दिन बाद टीएमसी सांसद ममता बाला ठाकुर उत्तर चौबीस परगना के ठाकुरनगर में आमरण अनशन करेगी। 
मतुया समुदाय देश विभाजन के बाद पूर्व पाकिस्तान और फिर पूर्व पकिस्तान से बने बांग्लादेश से पश्चिम बंगाल में आए।

मतुया समुदाय के बडी संख्या में लोग बनगांव के तहत ठाकुरनगर में बस गए। ममता बाला ठाकुर मतुया समुदाय की नेता हैं। मतुया समुदाय में बीजेपी की भी अच्छी पैठ है। बनगांव लोकसभा सीट के सांसद भाजपा के नेता शांतनु ठाकुर हैं। वे केंद्र में जहाज राज्य मंत्री भी हैं। टीएमसी सांसद ममता बाला ठाकुर को एसआईआर के दौरान बड़ी संख्य में मतुया समुदाय के वोटरों को नाम हटाए जाने का भय है।

नाव आयोग द्वारा यह मांग पूरी नहीं होने तक वे अनशन पर बैठी रहेंगी

वे चाहती है कि चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करें कि एसआईआर के दौरान एक भी मतुया वोटर का नाम न हटे। चुनाव आयोग द्वारा यह मांग पूरी नहीं होने तक वे अनशन पर बैठी रहेंगी। उन्होंने चुनाव आयोग के सामने अपनी मांग पेश कर दी है। चुनाव आयोग की ओर से उन्हें कोई भरोसा नहीं मिला है। इधर, भाजपा सांसद और केंद्रीय जहाज राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर ने मतुया समुदाय को लोगों को यह कह कर आश्वस्त किया है कि मतुया समुदाय के जिन वोटरों का नाम हटाया जाएगा।

उनका नाम सीएए के तहत वोटर लिस्ट में जोड़ा जाएगा। मतुया समुदाय के वोटरों को भयभीत होने की जरूरत नहीं है। मतुया समुदाय के लोगों को भारतीय नागरिक बनाने के लिए ही सीएए हैं।

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