West bengal : केंद्र सरकार की ओर से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम में महात्मा गांधी की जगह पूज्य बापू करने पर टीएमसी ने आपत्ति जताई है।
West bengal : केंद्र सरकार की ओर से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम में महात्मा गांधी की जगह पूज्य बापू करने पर टीएमसी ने आपत्ति जताई है। टीएमसी के सचिव और प्रवक्ता कुणाल घोष ने इसके औचित्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा को गांधी जी के साथ महात्मा खल रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार को इस योजना की बकाया राशि पश्चिम बंगाल को नहीं देने पर कोसा।
टीएमसी नेता कुणाल घोष ने गांधी जी को महात्मा कहे जाने के प्रसंग का जिक्र करते हुए कहा कि गांधी जी के लिए महात्मा ही कहा जाना चाहिए। महात्मा कहने से ही गांधी जी ही समझे जाते हैं। रवींद्रनाथ टैगोर ने 1915 में पहली बार गांधी जी को लिखे पत्र में महात्मा लिख कर संबोधन किया था। तभी से गांधी जी के लिए महात्मा शब्द का प्रयोग चल प़ड़ा है। केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनयम योजना ने रोजगार के 100 दिन के बदले 125 दिन कर दिया है। मंजूरी भी बढ़ा कर 240 रुपए प्रति दिन कर दिया है।
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