टीएमसी के प्रदेश महासचिव और प्रवक्ता कुणाल घोष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा को यह चुनौती दी कि वे टीएमसी का विरोध कर देख लें कि उसका क्या नतीजा होता है।
कोलकाता। टीएमसी के प्रदेश महासचिव और प्रवक्ता कुणाल घोष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा को यह चुनौती दी कि वे टीएमसी का विरोध कर देख लें कि उसका क्या नतीजा होता है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पश्चिम बंगाल में महा जंगल राज कहे जाने पर टीएमसी नेता ने सवालिया लहजे में पूछा कि उत्तर प्रदेश, गुजरात, त्रिपुरा समेत भाजपा शासित राज्यों में क्या हो रहा है, वहां कौन सा राज है। उन्होंने प्रधानमंत्री पर पशिचम बंगाल की उन समस्ययों को दरकिनार कर चलने का आरोप लगाया, जिनको बार-बार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी के नेता इंगित करते रहे हैं।
केंद्र पर बकाया राशि दो लाख करोड़ रुपये रोकने का आरोप
टीएमसी प्रदेश महासचिव कुणाल घोष ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य सरकार की बकाया राशि दो लाख करोड़ रुपए के बारे में एक शब्द भी नहीं कहा। उन्होंने केंद्र सरकार पर राज्य सरकार को बकाया राशि का भुगतान नहीं कर पश्चिम बंगाल में विकास नहीं होने देने का आरोप लगाया और कहा कि केंद्र सरकार इस राज्य की लगातार उपेक्षा कर रही है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में जो भी विकास हुआ है, वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार ने अपने बल बूते किया है।
टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के दूसरे नेताओं में पिछले चुनावों में टीएमसी को परास्त करने की बड़ी-बड़ी बातें की थीं और उन्हें उसका कोई फायदा नहीं हुआ। वे इस बार भी यही कर रहे हैं। उन्हें कुछ भी हासिल नहीं होगा।
पीएम मोदी पर मतुआ समुदाय को निराश करने का आरोप
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री खाली हाथ आए थे। उन्होंने उन लोगों को निराश किया जिन लोगों ने उनसे अपेक्षा की थी। उनका इशारा मतुआ समुदाय की ओर था। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने मतुआ समुदाय को काफी भरोसा दिया था कि प्रधानमंत्री उनके लिए काफी कुछ करने का ऐलान करेंगे। लेकिन प्रधानमंत्री ने उन्हें निराश ही किया। अब मतुआ समुदाय को पता चल गया है कि भाजपा उनके साथ ठगी कर रही है।टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने भाजपा शासित राज्यों की विभिन्न घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी पहले उन राज्यों की ओर देंखे, तब पश्चिमं बंगाल पर नजर डाले।
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