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राम मंदिर बाबरी मस्जिद विवाद से जुड़े ऐतिहासिक...

राम मंदिर - बाबरी मस्जिद विवाद से जुड़े ऐतिहासिक सबूत कोर्ट से वापस मांगेगा ट्रस्ट

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट SC में दाखिल उन दस्तावेजों और सबूतों को वापस लेने के लिए याचिका दायर करेगा जो श्रीराम जन्मभूमि - बाबरी मस्जिद विवाद की सुनवाई को लेकर दाखिल किये गये थे।

राम मंदिर - बाबरी मस्जिद विवाद से जुड़े ऐतिहासिक सबूत कोर्ट से वापस मांगेगा ट्रस्ट

Nripendra Mishra |

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल उन दस्तावेजों और सबूतों को वापस लेने के लिए याचिका दायर करेगा जो अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि - बाबरी मस्जिद विवाद की सुनवाई को लेकर दाखिल किये गये थे। इन सबूतों में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की खोदाई में जो भी मिले प्रमाण, अवशेष और भूमि संबंधित दस्तावेज शामिल हैं। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने यह जानकारी दी।

सुप्रीम कोर्ट के संरक्षण से ऐतिहासिक साक्ष्य वापसी की होगी माँग

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा लिए गये एक अहम फैसले के बाद ट्रस्ट अब सुप्रीम कोर्ट से उन सभी ऐतिहासिक सबूतों और दस्तावेजों को वापस मांगेगा, जिनके आधार पर सर्वोच्च न्यायालय ने राम मंदिर के पक्ष में ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की ओर से की गई खोदाई में जो भी प्रमाण, अवशेष प्राप्त हुए थे और भूमि के मालिकाना संबंधित दस्तावेज थे, वह सभी सुप्रीम कोर्ट के संरक्षण में हैं। 

धरोहरों को राम मंदिर परिसर के संग्रहालय में सुरक्षित रखने की है योजना

अब चूंकि इस फैसले को चुनौती देने वाला कोई नहीं है, ऐसे में राम मंदिर ट्रस्ट न्यायालय को औपचारिक पत्र लिखकर अनुरोध करेगा कि सभी सबूत और दस्तावेज वापस सौंप दिए जाएं। इन ऐतिहासिक धरोहरों को राम मंदिर परिसर में निर्माणाधीन संग्रहालय में सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि श्रद्धालु और शोधकर्ता इन्हें देख और समझ सकें।

रामकथा संग्रहालय में बनेंगी 20 गैलरियाँ

उन्होंने बताया कि रामकथा संग्रहालय में 20 गैलरियां बन रही हैं। गैलरियों की पटकथा तय हो गई है। गैलरी में क्या-क्या होगा यह भी तय हो गया है। इनमें रामायण काल से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को आधुनिक तकनीक से प्रदर्शित किया जाएगा। इसके लिए आईआईटी चेन्नई के साथ एमओयू हो रहा है। हनुमान जी की गैलरी तकनीकी दृष्टि से बहुत उच्च होगी। मार्च 2026 से श्रद्धालुओं को संग्रहालय में जाने की व्यवस्था की जाएगी।

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