पुलिस के अनुसार, पीएसीएल कंपनी के डायरेक्टरों ने निवेशकों को आकर्षक योजनाओं का झांसा देकर बड़ी बड़ी संख्या में धनराशि जमा कराई थी।
सूरजपुर (छत्तीसगढ़): जिले के बहुचर्चित पीएसीएल चिटफंड घोटाले में सूरजपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पैसा दोगुना करने का लालच देकर निवेशकों से करोड़ों रुपये जमा कराने और मैच्योरिटी पूरी होने के बाद राशि वापस नहीं करने के मामले में कंपनी के दो और डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपी पंजाब निवासी हैं और प्रोडक्शन वारंट पर जिला जेल कवर्धा से लाकर गिरफ्तार किए गए।
सूरजपुर में 2016 में दर्ज हुई थी एफआईआर
पुलिस के अनुसार, पीएसीएल कंपनी के डायरेक्टरों ने निवेशकों को आकर्षक योजनाओं का झांसा देकर बड़ी मात्रा में धनराशि जमा कराई थी। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद भी निवेशकों को उनकी राशि वापस नहीं की गई, जिससे हजारों लोग प्रभावित हुए। मामले में थाना सूरजपुर में वर्ष 2016 में अपराध दर्ज कर विवेचना की जा रही थी। डीआईजी एवं एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश पर फरार आरोपियों की तलाश तेज की गई। जांच के दौरान कंपनी के डायरेक्टर गुरजंट सिंह गिल उर्फ गुरजन सिंह और गुरूनाम सिंह के कवर्धा जेल में होने की जानकारी मिली। इसके बाद न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त कर दोनों को सूरजपुर लाया गया और पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया।
करोड़ों की धोखाधड़ी स्वीकार की
पूछताछ में आरोपियों ने अन्य डायरेक्टरों के साथ मिलकर निवेशकों को पैसा दोगुना करने का प्रलोभन देकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी किए जाने की बात स्वीकार की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी भी जारी है। गौरतलब है कि इससे पहले पीएसीएल कंपनी के छह अन्य डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया जा चुका है। दो नई गिरफ्तारियों के बाद इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। कार्रवाई में थाना प्रभारी विमलेश दुबे, एसआई लक्ष्मी प्रसाद गुप्ता, एएसआई संजय सिंह एवं पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।