बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में आगामी सिंहस्थ-2028 को भव्य और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है।
उज्जैन। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में आगामी सिंहस्थ-2028 को भव्य और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप, सिंहस्थ को 'ग्रीन सिंहस्थ' के रूप में आयोजित करने के लिए शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
महाकाल वन की परिकल्पना साकार होगी
शनिवार सुबह सिंहस्थ मेला कार्यालय में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता नगरीय प्रशासन आयुक्त संकेत भोंडवे ने की। बैठक में मुख्य रूप से मां शिप्रा की आरती को और अधिक भव्य और वैभवशाली बनाने के लिए नदी के किनारे एक आधुनिक रिवर फ्रंट विकसित करने का निर्णय लिया गया। शहर को हरा-भरा बनाने के लिए सिंहस्थ से पहले 10 लाख पौधे रोपे जाएंगे। इस बड़े स्तर के वृक्षारोपण से 'महाकाल वन' की परिकल्पना को साकार किया जाएगा।
मां शिप्रा की भव्य आरती
अधिकारियों की उपस्थिति: इस बैठक में आयुक्त संकेत भोंडवे के साथ सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह भी मौजूद रहे। इसमें मुख्य प्रोजेक्ट शिप्रा नदी पर रिवर फ्रंट का विकास, वृक्षारोपण लक्ष्य में 10 लाख नए पौधे (महाकाल वन) लगाना, मां शिप्रा की भव्य आरती का आयोजन शामिल है। सिंहस्थ मेला क्षेत्र को हरा-भरा करने और शिप्रा तट के सौंदर्यीकरण के लिए यह कार्ययोजना तैयार की गई है, ताकि आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को एक दिव्य और स्वच्छ वातावरण मिल सके।
यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/state/nilgai-meat-seized-in-jatwar-village-case-registered/149398
जातवर गांव में फ्रिज में मिला 2 क्विंटल नीलगाय का मांस, मामला दर्ज