भोपाल में उमा भारती ने लोधी समाज सम्मेलन में एकजुटता का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हुंकार भरने पर पूरा जंगल खाली हो सकता है और समाज को संगठित होने की जरूरत है।
भोपाल। मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने लोधी समाज सम्मेलन में बड़ा बयान देते हुए समाज को एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “शेर गुफा में है तो मख्खियां भी काट रही हैं, लेकिन अगर हुंकार भरोगे तो राज करने के लिए पूरा जंगल खाली हो जाएगा।”
उमा भारती ने अपने संबोधन में सामाजिक समानता और अधिकारों के लिए संगठित होने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि समाज को “तीसरी आजादी” की लड़ाई लड़नी होगी, जो बराबरी और सम्मान के लिए है।
समाज में बराबरी लाने के लिए यह जरूरी
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने आरक्षण के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी और कहा कि समाज में बराबरी लाने के लिए आरक्षण जरूरी है। साथ ही युवाओं को नशे से दूर रहने और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने लोधी समाज की राजनीतिक भागीदारी और ताकत बढ़ाने पर भी जोर देते हुए कहा कि संगठित होकर ही समाज अपने अधिकार हासिल कर सकता है।
वास्तविक समानता जरूरी
उमा भारती ने यह बात भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित राजा हिरदे शाह लोधी की शौर्य यात्रा के दौरान कही। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि समाज में वास्तविक समानता केवल कानून बनाने से नहीं आएगी, बल्कि लोगों के व्यवहार और सोच में बदलाव लाने से आएगी।
सर्वोच्च पद पर बैठे लोगों के बच्चों के सरकारी स्कलों में पढ़ाई पर जोर
उन्होंने यह भी कहा कि जब तक देश के सर्वोच्च पदों—राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री—के परिवारों के लोग सरकारी स्कूलों में पढ़ाई नहीं करेंगे, तब तक शिक्षा व्यवस्था में पूरी तरह सुधार नहीं हो पाएगा। उमा भारती के इस बयान को राजनीतिक तौर पर भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने आरक्षण के मुद्दे पर अपनी स्पष्ट राय रखते हुए सामाजिक सुधार पर जोर दिया है।
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