उमरिया के बिरसिंहपुर पाली स्थित गांधी थर्मल पावर प्लांट से जुड़े मजदूरों और स्थानीय लोगों की समस्याओं को लेकर हिमांशु द्विवेदी ने प्रशासन को पत्र सौंपा है।
उमरिया: गांधी थर्मल पावर प्लांट बिरसिंहपुर पाली से जुड़े मजदूरों और स्थानीय लोगों की विभिन्न समस्याओं को लेकर एक बार फिर आवाज उठी है। समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर हिमांशु द्विवेदी ने पाली एसडीएम एवं थाना प्रभारी को पत्र सौंपकर 16 अगस्त 2026 से भूख हड़ताल और आमरण अनशन शुरू करने की पूर्व सूचना दी है।
कई मामलों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का लगाया गया आरोप
पत्र में कहा गया है कि प्लांट एवं उससे संबंधित कंपनियों में कार्यरत मजदूरों, श्रमिकों और स्थानीय नागरिकों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए पूर्व में भी शासन-प्रशासन और प्लांट प्रबंधन के समक्ष मांगें रखी गई हैं। इसके बावजूद कई मामलों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है।
क्या है आंदोलन की प्रमुख मांग?
आंदोलन की प्रमुख मांग मजदूरों और श्रमिकों के लंबित एरियर्स व बकाया भुगतान को लेकर है। मांग की गई है कि सभी लंबित राशि का शीघ्र भुगतान कराया जाए। इसके साथ ही भुगतान में देरी और कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
रोजगार की तलाश में नहीं करना पड़ेगा दूसरे क्षेत्रों में पलायन
प्लांट और उससे जुड़ी कंपनियों में स्थानीय शिक्षित एवं योग्य युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराने की मांग भी पत्र में की गई है। कहा गया है कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिलने से युवाओं को रोजगार की तलाश में दूसरे क्षेत्रों में पलायन नहीं करना पड़ेगा।
स्थानीय बच्चों के लिए पर्याप्त स्कूल बसों की व्यवस्था करने की उठाई मांग
स्थानीय बच्चों के लिए पर्याप्त स्कूल बसों की व्यवस्था करने की मांग की गई है। पत्र में ऐसे स्थानीय बच्चों को भी निर्धारित व्यवस्था के अनुसार, स्कूल बस की सुविधा देने की मांग की गई है, जिनके माता-पिता शासकीय कर्मचारी नहीं हैं। इसके अलावा एमपीईबी बोर्ड अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं को स्थानीय आम नागरिकों के लिए भी सुलभ और बेहतर बनाने की मांग उठाई गई है। प्लांट एवं संबंधित कंपनियों में सामने आ रही कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी रखी गई है।
भूख हड़ताल और आमरण अनशन करने की चेतावनी
हिमांशु द्विवेदी ने पत्र में कहा है कि अगर 16 अगस्त तक मजदूरों के लंबित एरियर्स एवं भुगतान सहित प्रमुख समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो वह भूख हड़ताल एवं आमरण अनशन शुरू करेंगे। उन्होंने आंदोलन को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संचालित करने की बात कही है।
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