मैहर के नादन गांव में सड़क के बीच वर्षों से खड़े अनुपयोगी बिजली के खंभे के कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
मैहर,(मध्य प्रदेश)। विकास कार्यों में लापरवाही का एक चौंकाने वाला उदाहरण मैहर जिले के नादन गांव में देखने को मिल रहा है। यहां आदिवासी बस्ती की सड़क के ठीक बीचों-बीच बिजली का एक खंभा पिछले करीब 10 वर्षों से खड़ा है। हैरानी की बात यह है कि खंभे पर न बिजली के तार हैं और न ही उसका कोई उपयोग, फिर भी उसे हटाने की दिशा में आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
सड़क निर्माण के दौरान नहीं हटाया गया खंभे
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान खंभे को हटाने के बजाय उसी के चारों ओर सड़क बना दी गई। इसके कारण दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही में लगातार परेशानी होती है। यदि किसी ग्रामीण की अचानक तबीयत बिगड़ जाए तो एंबुलेंस को भी इस रास्ते से गुजरने में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।
पंचायत और प्रशासन के समक्ष इस समस्या की शिकायत
स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्षों से पंचायत और प्रशासन के समक्ष इस समस्या की शिकायत की जाती रही, लेकिन आज तक समाधान नहीं हुआ। इस दौरान पंचायतों के कार्यकाल बदले, सरपंच बदले और कई प्रशासनिक अधिकारी भी आए-गए, लेकिन सड़क के बीच खड़ा यह खंभा जस का तस बना हुआ है।
ग्रामीणों की समस्या को आखिर क्यों किया जा रहा नजरअंदाज
ग्रामीणों का सवाल है, कि क्या वर्तमान पंचायत ने बिजली विभाग को खंभा हटाने या स्थानांतरित करने के लिए कोई प्रस्ताव या पत्र भेजा है? यदि भेजा गया है तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई और यदि नहीं भेजा गया तो ग्रामीणों की समस्या को आखिर क्यों नजरअंदाज किया जा रहा है। बावजूद नादन गांव में वर्षों पुरानी समस्या अब भी जस की तस बनी हुई है।
सड़क के बीच खड़े इस खंभे को तत्काल हटाने की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि किसी संभावित हादसे से पहले सड़क के बीच खड़े इस अनुपयोगी खंभे को तत्काल हटाकर लोगों को राहत दिलाई जाए। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार विभाग समय रहते कार्रवाई करता है या फिर किसी दुर्घटना के बाद ही व्यवस्था की नींद टूटेगी।
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