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यूपी जनगणना हेतु 5.25 लाख कर्मी तैनात

यूपी में जनगणना की तैयारियां मुकम्मल, 5.25 लाख कर्मियों की तैनाती

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जनगणना - 2027 की तैयारियां मुकम्मल हो गयी हैं और इसी महीने से इसका प्रथम चरण शुरू हो जाएगा।

यूपी में जनगणना की तैयारियां मुकम्मल 525 लाख कर्मियों की तैनाती

UP Census 2027 |

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जनगणना - 2027 की तैयारियां मुकम्मल हो गयी हैं और इसी महीने से इसका प्रथम चरण शुरू हो जाएगा। निदेशक जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तर प्रदेश तथा मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यूपी के सभी जिलों में इस कार्य में लगने वाले कर्मचारियों की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है।

दो चरणों में पूरी होगी जनगणना प्रक्रिया

मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा ने एक प्रेस कांफ्रेंस में जनगणना 2027 की तैयारियों और प्रक्रियाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। पहला चरण 22 मई से 20 जून तक मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का होगा, जबकि दूसरा चरण फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना के रूप में आयोजित किया जाएगा।

पहली बार डिजिटल तरीके से होगी जनगणना

इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी व्यक्तिगत जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाएंगी और किसी भी प्रकार से साझा नहीं की जाएंगी।

आजादी के बाद 8वीं जनगणना, आंकड़ों का होगा अहम उपयोग

भारत में इस माह शुरू हो रही यह आजादी के बाद 8वीं जनगणना है, जबकि कुल मिलाकर अब तक 16 बार जनगणना हो चुकी है। पहली जनगणना 1872 में हुई थी। इस बार के आंकड़े विकास योजनाओं के निर्धारण के साथ ही महिला, एससी/एसटी और ओबीसी आरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

स्व-गणना का विकल्प 7 से 21 मई तक

शीतल वर्मा ने बताया कि 7 मई से 21 मई तक स्व-गणना का विकल्प उपलब्ध रहेगा। यह पूरी तरह वैकल्पिक है। इसके बाद 22 मई से 20 जून तक प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे।

5.25 लाख से अधिक कर्मियों की तैनाती

प्रदेश में जनगणना कार्य को पूरा करने के लिए मास्टर ट्रेनर्स, फील्ड ट्रेनर्स, पर्यवेक्षकों सहित 5.25 लाख से अधिक कर्मियों की तैनाती की गई है। इसमें मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, नगर आयुक्त, तहसीलदार सहित बड़ी संख्या में अधिकारी शामिल हैं।

SE ID के जरिए होगी जानकारी की पुष्टि

स्व-गणना करने पर नागरिकों को एक SE ID प्राप्त होगी। इसे प्रगणक के साथ साझा करना होगा, जिसके बाद ही मकान सूचीकरण और गणना की प्रक्रिया पूर्ण मानी जाएगी।

टोल फ्री नंबर 1855 पर मिलेगी जानकारी

नागरिकों की सुविधा के लिए 1855 टोल फ्री नंबर भी जारी किया गया है, जिससे जनगणना से जुड़ी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। जनगणना में भारत में रहने वाले सभी व्यक्तियों—चाहे वे नागरिक हों या गैर-नागरिक—की गणना की जाएगी।

कानूनी प्रावधानों के तहत सुरक्षित रहेंगी जानकारियां

यह कार्य जनगणना अधिनियम 1948 और जनगणना नियमावली 1990 के तहत किया जाएगा। इसके अनुसार किसी भी व्यक्ति की जानकारी गोपनीय रखी जाएगी और इसे टैक्स या पुलिस जांच में भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

75 जिलों और लाखों गांवों में होगा सर्वे

प्रदेश के 75 जिलों, 783 नगरीय निकायों, 350 तहसीलों और करीब 1.04 लाख गांवों में यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके लिए 3.9 लाख मकान सूचीकरण ब्लॉक बनाए गए हैं। मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी ने मीडिया और आम जनता से अपील की कि वे जनगणना से जुड़ी जानकारी को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं और सही जानकारी देकर इस राष्ट्रीय कार्य को सफल बनाएं।

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