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मुख्य सचिव ने अधिकारियों को दिए निर्देश

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को दिए निर्देश, 5,973 ग्रामों के विकास प्लान को एक माह में मंजूरी देने के आदेश

यूपी के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने 5,973 ग्रामों के विलेज डेवलपमेंट प्लान को एक माह में मंजूर करने के निर्देश दिए। लंपी, संचारी रोग और बाढ़ राहत की भी समीक्षा की।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को दिए निर्देश 5973 ग्रामों के विकास प्लान को एक माह में मंजूरी देने के आदेश

UP Chief Secretary Sets One-Month Deadline for Village Development Plans |

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक की। बैठक में आदर्श ग्राम योजना, लंपी स्किन डिजीज, संचारी रोग नियंत्रण, इन्फ्लुएन्जा, बाढ़ राहत एवं बचाव कार्य और फार्मर रजिस्ट्री समेत विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने शेष 5,973 ग्रामों के विलेज डेवलपमेंट प्लान को एक महीने के भीतर जिला स्तरीय समिति से अनुमोदित कराने और 70 अंक प्राप्त कर चुके 1,878 ग्रामों को तत्काल आदर्श ग्राम घोषित करने के निर्देश दिए।

5,973 ग्रामों के प्लान को एक माह में मंजूरी

आदर्श ग्राम योजना की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शेष 5,973 ग्रामों का विलेज डेवलपमेंट प्लान तैयार कराकर जिला स्तरीय समिति की बैठक में एक महीने के भीतर अनुमोदित कराया जाए। उन्होंने 70 अंक प्राप्त कर चुके 1,878 ग्रामों को तत्काल आदर्श ग्राम घोषित कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि में लंबित प्रकरणों का निस्तारण नहीं होने पर संबंधित मुख्य विकास अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। एक महीने के भीतर पेंडेंसी समाप्त नहीं होने पर संबंधित मुख्य विकास अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि देने की कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में बताया गया कि आदर्श ग्राम योजना के तहत कुल 12,382 ग्रामों का चयन किया गया है। इनमें 6,409 ग्रामों के ड्राफ्ट विलेज डेवलपमेंट प्लान तैयार हो चुके हैं, जबकि 5,050 ग्रामों के विलेज डेवलपमेंट प्लान फाइनलाइज किए जा चुके हैं। अब तक 3,861 ग्रामों को आदर्श ग्राम घोषित किया जा चुका है।

लंपी स्किन डिजीज की रोकथाम पर जोर

लंपी स्किन डिजीज की स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने प्रभावित जनपदों में विशेष सतर्कता और प्रभावी नियंत्रण उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने रिंग वैक्सीनेशन, संक्रमित पशुओं को अलग रखने, वेक्टर कंट्रोल, कीटाणुशोधन और साफ-सफाई जैसे उपायों को प्राथमिकता देने को कहा। मुख्य सचिव ने टीकाकरण अभियान को व्यापक स्तर पर चलाने और उसकी नियमित समीक्षा के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारियों से हर दूसरे दिन लंपी स्किन डिजीज की स्थिति की समीक्षा करने को कहा।

उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि पशु चिकित्सक निर्धारित समय पर चिकित्सालयों में मौजूद रहें और गांवों में शिविर लगाकर टीकाकरण अभियान को गति दी जाए। पशु सखी, पैरावेट और मैत्री को आवश्यक प्रशिक्षण देने तथा शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

जनजागरूकता और गौ आश्रय स्थलों पर जोर

मुख्य सचिव ने जनप्रतिनिधियों, गोपालकों और गौशाला संचालकों के साथ जनजागरूकता बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बीमारी से बचाव के उपायों की जानकारी व्यापक स्तर पर उपलब्ध कराने और प्रत्येक गौ आश्रय स्थल में हरे चारे की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में बताया गया कि लंपी स्किन डिजीज से अब तक 9,003 पशु प्रभावित हुए हैं, जिनका उपचार किया गया है। वर्तमान में सक्रिय मामलों की संख्या 1,430 है। प्रभावित जनपदों में 606 टीमें तैनात हैं और 16,08,548 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। प्रदेश मुख्यालय पर 33,81,900 लंपी स्किन डिजीज वैक्सीन आरक्षित हैं।

हाई रिस्क एरिया में संचारी रोग नियंत्रण तेज करने के निर्देश

संचारी रोगों के प्रसार की रोकथाम की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने हाई रिस्क एरिया में आवश्यक निरोधात्मक गतिविधियां प्राथमिकता के आधार पर संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जनपदों में संचारी रोगों की जांच के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं, जांच उपकरणों की क्रियाशीलता और आवश्यक किट की उपलब्धता की लगातार समीक्षा करने को कहा। आमजन को बीमारी से बचाव की सावधानियों और उपलब्ध उपचार सुविधाओं की जानकारी देने के लिए व्यापक जनजागरूकता और प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश भी दिए।

इन्फ्लुएन्जा को लेकर सतर्कता

इन्फ्लुएन्जा ए, एच1एन1 और सीजनल इन्फ्लुएन्जा की स्थिति की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने अधिक मामलों वाले जनपदों में विशेष सावधानी बरतने को कहा। उन्होंने आईसीयू और श्वसन रोग ओपीडी में कार्यरत चिकित्सकों एवं स्टाफ का वैक्सीनेशन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। अस्पतालों के भीड़भाड़ वाले स्थानों पर फ्लू से बचाव के उपायों का प्रचार-प्रसार कराने और अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।

37 जिलों में बाढ़ का असर, अब 26 प्रभावित

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए एंटी-लार्वा छिड़काव, कीचड़ की सफाई और अन्य निरोधात्मक गतिविधियों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ का पानी सूखने के बाद फसल क्षति के सर्वे का काम तत्काल शुरू कराया जाए, ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजे का भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश के कुल 37 जनपद बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। वर्तमान में प्रभावित जनपदों की संख्या घटकर 26 रह गई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 298 बाढ़ शरणालय संचालित हैं, जिनमें 7,434 लोग रह रहे हैं। राहत कार्यों के तहत अब तक 1,29,369 खाद्यान्न पैकेट, 16,73,959 लंच पैकेट, 6,620 कुंतल भूसा, 6,94,432 क्लोरीन टैबलेट और 2,73,802 ओआरएस वितरित किए जा चुके हैं।

फार्मर रजिस्ट्री में धीमी प्रगति पर नाराजगी

मुख्य सचिव ने फार्मर रजिस्ट्री में पंजीकरण की धीमी प्रगति पर असंतोष जताया। उन्होंने अधिकारियों को अभियान चलाकर पात्र किसानों का तेजी से पंजीकरण कराने और इसकी प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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