UP News : उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था में हाल के महीनों में बड़ा सुधार हुआ है। राज्य में अपराध दर...
UP News : उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था में हाल के महीनों में बड़ा सुधार हुआ है। राज्य में अपराध दर राष्ट्रीय औसत से 28.5% कम पाया गया है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की मई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, यूपी में महिला अपराधों में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिसमें दहेज हत्या में 50% और अपहरण के मामलों में 62.8% की कमी आई है। प्रदेश अब अपराध दर के मामले में 11वें स्थान से सुधरकर 18वें स्थान पर पहुंच गया है।
NCRB की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में अपराध और महिलाओं के खिलाफ हिंसा में लगातार कमी आई है
उत्तर प्रदेश में दहेज हत्या के मामले साल 2023 के 2122 से घटकर 2024 में 1047 पर आ गए हैं
प्रदेश में रेप के मामलों में भी 2023 के मुकाबले 8.7 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है.
NCRB की साल 2024 की रिपोर्ट में बताया गया है कि अपराध के राष्ट्रीय औसत 252.3% के मुकाबले यूपी में 180.2 %अपराध हुए। यह राष्ट्रीय औसत से कुल 28.5 % कम है। इसके अलावा जनसंख्या के आधार पर देश भर के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की तुलना में उत्तर प्रदेश अपराधों के मामले में 2023 के 24वें स्थान के घटकर 18वें स्थान पर आ गया है।
एनसीआरबी के साल 2022 के आंकड़ों की तुलना करें तो यूपी में दहेज हत्या के केस में कुल 51 % की कमी आई है।इसके अलावा रेप जैसे मामले में कुल 8.7 % की कमी दर्ज की गई। यूपी में साल 2023 में दुष्कर्म के कुल 3,516 मामले दर्ज हुए थे और जबकि साल 2024 में ये संख्या कुल 3,209 रही। साल 2022 की तुलना में रेप के मामलों में कुल 13 % की कमी आई है।
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने इन आंकड़ों को सीएम योगी के सुशासन का परिणाम बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की वर्ष 2024 रिपोर्ट निर्विवाद रूप से स्थापित करती है कि क्राइम रेट ही विभिन्न राज्यों के बीच अपराध की तुलना का एकमात्र वैज्ञानिक और सांख्यिकीय दृष्टि से उचित आधार है। राष्ट्रीय क्राइम रेट 252.3 के मुकाबले उत्तर प्रदेश का क्राइम रेट मात्र 180.2 है।
यह सुधार सतत और सुविचारित प्रयासों का प्रतिफल है। यह साबित करता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में अपराध व अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति कागज़ों से निकलकर धरातल पर उतरी है।
कठोर कार्रवाई से स्थापित किया कानून-व्यवस्था का राज
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि गत 9 वर्षों में आधुनिक पुलिस स्टेशन, सतर्क एंटी-रोमियो स्क्वॉड, हर थाने पर समर्पित महिला हेल्प डेस्क, कमज़ोर वर्गों को त्वरित न्याय दिलाने वाले फास्ट-ट्रैक कोर्ट और संगठित अपराधों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई ने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था का राज स्थापित किया है। एनसीआरबी के आंकड़े इसी की गवाही देते हैं।
छोटी से छोटी शिकायत का संज्ञान लेती है यूपी पुलिस
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कोई भी व्यक्ति बिना किसी भय-संकोच के पुलिस थाने जाकर शिकायत दर्ज करा सकता है। उत्तर प्रदेश पुलिस इसके प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। हम डिजिटल माध्यमों पर भी आई छोटी से छोटी शिकायत का संज्ञान लेते हैं और जहां भी उचित हो, उसे एफआईआर में परिवर्तित करते हैं। अधिक पंजीकरण एक अधिक संवेदनशील, सुलभ और पारदर्शी पुलिस बल की पहचान है। यही वह संस्कृति है, जिसका निर्माण उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विज़न के तहत कर रही है।
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