उत्तर प्रदेश में वेतन रोके जाने की कठोर कार्रवाई के बावजूद 47,816 कर्मचारियों व अधिकारियों ने अपनी चल अचल संपत्ति का ब्योरा मानव संपदा पोर्टल पर नहीं दिया है।
यूपी में 47,816 सरकारी कर्मियों ने नहीं दिया संपत्ति का ब्योरा
दस मार्च तक का एक और अवसर
लखनऊ।
उत्तर प्रदेश में वेतन रोके जाने की कठोर कार्रवाई के बावजूद 47,816 कर्मचारियों व अधिकारियों ने अपनी चल अचल संपत्ति का ब्योरा मानव संपदा पोर्टल पर नहीं दिया है। यूपी के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने ऐसे कर्मचारियों को एक और मौका देते हुए 10 मार्च तक संपत्ति की जानकारी देने का अवसर दिया है। इसके बाद संपत्ति का खुलासा नहीं करने वाले कर्मचारियों का प्रमोशन पर रोकने की कार्रवाई की जा सकती है।
मुख्य सचिव एसपी गोयल द्वारा जारी शासनादेश के मुताबिक, 24 नवंबर 2025 को जारी आदेश के तहत कर्मचारियों को 31 जनवरी 2026 तक चल-अचल संपत्ति का विवरण देना था। 6 जनवरी 2026 को स्पष्ट किया गया था कि जो कर्मचारी विवरण अपलोड नहीं करेंगे, उन्हें जनवरी का वेतन नहीं मिलेगा। 31 जनवरी तक 47,816 कर्मचारियों ने ब्योरा नहीं दिया। सरकार ने 26 फरवरी से 10 मार्च 2026 तक एक बार फिर अवसर दिया है, लेकिन इसे प्रतिबंधों के साथ जोड़ा गया है। संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
शासन द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि 10 मार्च तक चल अचल सम्पत्ति का ब्योरा देने पर कर्मचारियों को जनवरी का वेतन जारी किया जाएगा। चल-अचल संपत्ति का विवरण न देने वाले राज्यकर्मियों को लेकिन 31 जनवरी 2026 तक विवरण न देने वाले 47816 कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। ऐसे कर्मचारियों के वर्तमान चयन वर्ष में पदोन्नति पर विचार नहीं किया जाएगा। देय होने पर भी इस वर्ष एसीपी का लाभ नहीं मिलेगा। विदेश यात्रा, प्रतिनियुक्ति आदि के लिए विजिलेंस क्लीयरेंस नहीं दी जाएगी।
इसे भी पढ़ेंः
होली पर किसानों के जीवन में खुशहाली का रंग भरेगी योगी सरकार
https://www.primenewsnetwork.in/state/yogi-government-brings-prosperity-to-farmers-this-holi/146123