यूपी में बाढ़ के बीच राहत और बचाव अभियान जारी है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी की बाढ़ में फंसे करीब 150 लोगों को मोटरबोट की मदद से सुरक्षित निकाला गया।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश में बाढ़ के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी में अचानक आई बाढ़ के बाद फंसे करीब 150 लोगों को प्रशासन और PAC के जवानों ने सुरक्षित बाहर निकाला। मोटरबोट की मदद से चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रभावित लोगों को भोजन, राहत सामग्री और जरूरत के अनुसार चिकित्सा सहायता भी उपलब्ध कराई गई।
मोटरबोट से चलाया गया रेस्क्यू अभियान
चित्रकूट के थाना पहाड़ी क्षेत्र के ग्राम चौरा में मंगलवार को मंदाकिनी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से कई लोग बाढ़ के पानी में फंस गए थे। सूचना मिलते ही बाढ़ राहत दल मौके पर पहुंचा और बचाव अभियान शुरू किया। 42वीं वाहिनी PAC नैनी, प्रयागराज की बाढ़ राहत ड्यूटी में तैनात प्लाटून ने स्थानीय प्रशासन के सहयोग से मोटरबोट के जरिए लोगों को सुरक्षित निकाला।
1,528 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
राहत आयुक्त कार्यालय की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में अब तक 32 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जबकि फिलहाल 22 जिलों में बाढ़ का असर दर्ज किया गया है। राहत एवं बचाव अभियान के तहत 1,528 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रदेश में 742 बाढ़ चौकियां, 452 नाव और मोटरबोट तथा 225 मेडिकल टीमें सक्रिय हैं। वहीं 105 शरणालयों में 2,460 लोगों ने शरण ली है।
16 हजार से ज्यादा लंच पैकेट बांटे
बाढ़ प्रभावित परिवारों तक भोजन और जरूरी सामग्री पहुंचाने का काम भी जारी है। मंगलवार को 1,640 बाढ़ राहत खाद्यान्न पैकेट और 16,190 लंच पैकेट वितरित किए गए। स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए 18 हजार से अधिक क्लोरिन पैकेट और 7 हजार से ज्यादा ORS पैकेट भी बांटे गए। इसके अलावा पशुओं के लिए 310 क्विंटल भूसा वितरित किया गया।
इन जिलों में बाढ़ का असर
प्रदेश में अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, बदायूं, चंदौली, चित्रकूट, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोरखपुर, हापुड़, हरदोई, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, सीतापुर, उन्नाव और वाराणसी में बाढ़ का प्रभाव दर्ज किया गया है। प्रशासन को प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी रखने और जरूरत के मुताबिक राहत एवं बचाव संसाधनों को तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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