उत्तर प्रदेश में गोशालाओं को जर्मन तकनीक से आधुनिक बनाया जाएगा। इसके लिए उप्र गो सेवा आयोग और जर्मनी की प्रतिष्ठित संस्था जीआईजेड जीएमबीएच ने एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किया है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गोशालाओं को जर्मन तकनीक से आधुनिक बनाया जाएगा। इसके लिए उप्र गो सेवा आयोग और जर्मनी की प्रतिष्ठित संस्था जीआईजेड जीएमबीएच ने एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किया है।
गो आधारित उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा
इसके तहत चयनित गोशालाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए प्रशिक्षण के माध्यम से गोबर, गोमूत्र एवं अन्य गो आधारित उत्पादों के वैज्ञानिक एवं व्यावसायिक उपयोग को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
समझौता ज्ञापन पर हुए हस्ताक्षर
आयोग के कार्यालय में हुए समझौता ज्ञापन पर गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता और संस्था के प्रतिनिधिमंडल ने हस्ताक्षर किए।
प्रशिक्षण और कौशल विकास पर जोर
इसके तहत गोशालाओं के लिए क्षमता निर्माण और मानव संसाधन के कौशल विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा। श्याम बिहारी ने बताया कि प्रशिक्षण से प्रबंधन, संसाधनों के बेहतर उपयोग और आधुनिक तकनीकों को अपनाया जाएगा।
तकनीकी सहयोग पर आधारित समझौता
गोशालाओं का चयन आयोग करेगा। यह समझौता पूरी तरह तकनीकी सहयोग पर आधारित है। इसमें वित्तीय सहायता का प्रावधान नहीं है।
यह भी पढ़े: इंदौर अग्निकांड में 7 दिन बाद मलबे से...
https://www.primenewsnetwork.in/state/old-tanay-torso-found-in-the-debris-of-indore-fire-after-days/151633