प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

IIT गांधीनगर में दिखेगा यूपी बेटियों का हुनर

आईआईटी गांधीनगर में दिखेगा यूपी की बेटियों का हुनर, क्यूरियोसिटी प्रोग्राम के लिए दो केजीबीवी चयनित

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक अवसरों से जोड़ रही है।

आईआईटी गांधीनगर में दिखेगा यूपी की बेटियों का हुनर क्यूरियोसिटी प्रोग्राम के लिए दो केजीबीवी चयनित

Academic Opportunity |

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक अवसरों से जोड़ रही है। इसी क्रम में IIT Gandhinagar द्वारा संचालित क्यूरियोसिटी प्रोग्राम 2026-27 के ओरिएंटेशन सेशन के लिए उत्तर प्रदेश के दो कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का चयन किया गया है।

प्रयागराज और गाजियाबाद के विद्यालयों का चयन

13 से 15 जुलाई 2026 तक आयोजित होने वाले इस विशेष कार्यक्रम में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय कौड़िहार-1, प्रयागराज तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय लोनी (नगर पालिका), गाजियाबाद की छात्राएं हिस्सा लेंगी। प्रत्येक विद्यालय से दो छात्राएं और एक शिक्षिका कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी।

बालिका शिक्षा को मिल रही नई दिशा

प्रदेश सरकार कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को बालिका सशक्तीकरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित कर रही है। डिजिटल शिक्षण, नवाचार आधारित गतिविधियों और राष्ट्रीय संस्थानों से जुड़ाव जैसी पहलों के चलते अब प्रदेश की बेटियां देश के प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंच रही हैं।

उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर हुआ चयन

IIT Gandhinagar Centre for Creative Learning द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, चयन उन विद्यालयों का किया गया है जिन्होंने पूरे वर्ष क्यूरियोसिटी कार्यक्रम में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। कौड़िहार-1, प्रयागराज ने 50 में से 46 सत्रों में भाग लेकर 92 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की और 48 में से 39 वर्कशीट जमा कराईं। वहीं केजीबीवी लोनी, गाजियाबाद ने 50 में से 49 सत्रों में भाग लेकर 98 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की तथा 48 में से 42 वर्कशीट जमा कराईं।

विज्ञान और नवाचार से रूबरू होंगी छात्राएं

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को विज्ञान, गणित, नवाचार, रचनात्मक अधिगम और समस्या समाधान आधारित गतिविधियों से परिचित कराया जाएगा। साथ ही वे आईआईटी गांधीनगर के शैक्षणिक वातावरण, शोध संस्कृति और नवाचार आधारित शिक्षण मॉडल को नजदीक से समझ सकेंगी।

उच्च शिक्षा के प्रति बढ़ेगा आत्मविश्वास

यह कार्यक्रम छात्राओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने, जिज्ञासा को नई दिशा देने और उच्च शिक्षा के प्रति आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायक होगा। विशेष रूप से ग्रामीण एवं वंचित पृष्ठभूमि से आने वाली बालिकाओं के लिए यह अनुभव भविष्य में वैज्ञानिक, शोधकर्ता और नवप्रवर्तक बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

यह भी पढ़े: भारत में सोने का आयात घटकर 25-30 टन

 

Related to this topic: