योगी सरकार ने यूपी के अस्पतालों और सरकारी संस्थानों में स्थानीय बुनकरों द्वारा निर्मित बेडशीट और गॉज बैंडेज की खरीद अनिवार्य कर दी है। इससे प्रदेश के लाखों बुनकरों को स्थायी रोजगार मिलेगा।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। प्रदेश की योगी सरकार हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग को प्रोत्साहन देने तथा प्रदेश के बुनकरों को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकारी संस्थानों में स्थानीय स्तर पर निर्मित हथकरघा उत्पादों की खरीद को बढ़ावा दे रही है। इसी क्रम में मंगलवार को विधान भवन स्थित कक्ष संख्या-80 में खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य सरकारी विभागों तथा शासकीय उपक्रमों में प्रयुक्त होने वाले बेडशीट एवं गॉज बैंडेज की खरीद और आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बुनकरों को मिल रहा स्थायी बाजार
बैठक में मंत्री राकेश सचान ने कहा कि प्रदेश के बुनकरों को सरकारी खरीद का बाजार उपलब्ध कराना योगी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकारी संस्थानों में स्थानीय बुनकरों द्वारा निर्मित गुणवत्तापूर्ण वस्त्रों की खरीद बढ़ने से प्रदेश के लाखों बुनकर परिवारों को रोजगार और आर्थिक मजबूती मिलेगी तथा प्रदेश में उत्पादित वस्त्रों के लिए स्थायी बाजार भी विकसित होगा।
मुख्यमंत्री के निर्देशों पर बनी कार्ययोजना
उल्लेखनीय है कि 07 अगस्त 2026 को लोकभवन, लखनऊ में हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग निदेशालय, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित राष्ट्रीय हथकरघा दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य विभाग सहित सरकारी विभागों एवं शासकीय उपक्रमों में प्रमुख रूप से प्रयुक्त होने वाले बेडशीट एवं गॉज बैंडेज की खरीद सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में बैठक के दौरान इसकी कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
प्रदेश में लाखों बुनकरों को मिलेगा व्यापक बाजार
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में लगभग 2,13,107 बुनकर कार्यरत हैं। बेडशीट तथा गॉज बैंडेज सहित विभिन्न वस्त्रों का उत्पादन प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में बुनकरों द्वारा किया जा रहा है। सरकारी खरीद में इन उत्पादों को प्राथमिकता मिलने से बुनकरों के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराया जा सकेगा और परंपरागत बुनकरी व्यवसाय से नई पीढ़ी को जोड़ने में भी मदद मिलेगी।
हथकरघा निगम के जरिए होगी आपूर्ति
समीक्षा बैठक में प्रस्तावित व्यवस्था के तहत सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में आवश्यकतानुसार बेडशीट, तकिया कवर तथा गॉज बैंडेज क्लॉथ की आपूर्ति उत्तर प्रदेश राज्य हथकरघा निगम लिमिटेड के माध्यम से सुनिश्चित किए जाने पर चर्चा हुई। इसके लिए प्रदेश के बुनकर सहकारी समितियों एवं बुनकरों से गुणवत्तापूर्ण उत्पादन कराया जाएगा। संबंधित चिकित्सा संस्थानों द्वारा अपनी आवश्यकता के अनुरूप मांग एवं क्रय आदेश समय से जारी किए जाने की व्यवस्था विकसित करने पर भी विचार किया गया।
गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष जोर
मंत्री राकेश सचान ने उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि सरकारी संस्थानों को उपलब्ध कराई जाने वाली सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप और गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए। बैठक में आपूर्ति व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए नोडल अधिकारी नामित किए जाने पर भी चर्चा हुई। नोडल अधिकारी विभिन्न चिकित्सालयों, मेडिकल कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों से समन्वय स्थापित करते हुए उनकी आवश्यकताओं, निर्धारित विशिष्टियों एवं आपूर्ति से संबंधित सूचनाएं प्राप्त कर विभाग को उपलब्ध कराएगा। इससे मांग के अनुरूप समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
परंपरागत व्यवसाय से जुड़ेगी नई पीढ़ी
उन्होंने कहा कि योगी सरकार द्वारा हथकरघा क्षेत्र के लिए निर्धारित आरक्षित वस्तुओं की खरीद का उद्देश्य केवल सरकारी खरीद की प्रक्रिया पूरी करना नहीं, बल्कि प्रदेश के बुनकर परिवारों को स्थायी रोजगार और बाजार उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि जब बुनकरों को उनके उत्पाद का सुनिश्चित बाजार मिलेगा तो परंपरागत बुनकरी से जुड़ी युवा पीढ़ी भी इस व्यवसाय की ओर आकर्षित होगी और प्रदेश की समृद्ध हथकरघा परंपरा को नई गति मिलेगी।
जल्द तैयार होगी मानक संचालन प्रक्रिया
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप पूरी कार्ययोजना को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए। उत्पादों के मानक, गुणवत्ता जांच, दर निर्धारण, मांग प्राप्त करने, क्रय आदेश जारी करने, भुगतान तथा समयबद्ध आपूर्ति सहित सभी बिंदुओं को शामिल करते हुए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया तैयार की जाए। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए अगले सप्ताह तक आवश्यक बिंदुओं को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए।
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