उत्तर प्रदेश में उद्योगों को उनकी जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित वर्कफोर्स उपलब्ध कराने के लिए 'कौशल कनेक्ट सेल' का गठन किया गया है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में उद्योगों को उनकी जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित वर्कफोर्स उपलब्ध कराने के लिए 'कौशल कनेक्ट सेल' का गठन किया गया है। 'कौशल कनेक्ट सेल' जिलों में निवेश के अनुमान के आधार पर सेक्टर जैसे ऑटोमोबाइल, आईटी, टेक्सटाइल आदि की जरूरत के मुताबिक वर्कफोर्स का आकलन कर युवाओं को प्रशिक्षण दिलाएगा।
1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम
यूपी के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि यूपी को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संकल्प को साकार करने के लिए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा एक बड़ा कदम उठाया गया है। अब प्रदेश में निवेश करने वाले बड़े उद्योगों को उनकी जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित वर्कफोर्स उपलब्ध कराने के लिए 'कौशल कनेक्ट सेल' का गठन किया गया है। प्रदेश में आने वाले बड़े निवेश को सफल बनाने के लिए यह आवश्यक है कि उद्योगों को समय पर स्किल्ड मैनपावर मिल सके। इसी उद्देश्य से इन्वेस्ट यूपी और उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करने के लिए 'कौशल कनेक्ट सेल' बनाई गई है।
मिशन में स्पीडअप-पीएमयू को किया गया है आबद्ध
व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि मिशन में प्रशिक्षण और सेवायोजन (रोजगार) की प्रक्रिया को गति देने के लिए स्पीडअप-पीएमयू को आबद्ध किया गया है। यह पीएमयू अब 'कौशल कनेक्ट सेल' के माध्यम से निवेशकों के साथ रियल-टाइम समन्वय स्थापित करेगा।
'कौशल कनेक्ट सेल' जमीनी स्तर पर लाएंगे बदलाव
उन्होंने बताया कि 'कौशल कनेक्ट सेल' केवल एक प्रशासनिक इकाई नहीं होगी, बल्कि इसके कार्य जमीन पर बदलाव लाएंगे। रियल-टाइम ट्रैकिंग कर इन्वेस्ट यूपी के साथ दैनिक समन्वय कर निर्गत प्रोजेक्ट्स की स्थिति को अपडेट रखना यह सेल का मुख्य कार्य होगा। इसके साथ ही किस जिले में कितना निवेश आ रहा है और वहां किस सेक्टर (जैसे ऑटोमोबाइल, आईटी, टेक्सटाइल आदि) में कितने युवाओं की जरूरत है, इसका डेटाबेस तैयार करना भी उसकी जिम्मेदारी होगी। निवेशकों के एचआर विभाग से लगातार संपर्क में रहना और ट्रेनिंग पार्टनर्स (TP/PIA) के माध्यम से प्रशिक्षित लेकिन अभी तक बेरोजगार युवाओं को संबंधित उद्योगों की जरूरत के अनुसार रोजगार सुनिश्चित करना भी सेल का काम होगा।
1300 से अधिक जॉब रोल्स में युवाओं को किया जा रहा प्रशिक्षित
'उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन' के मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा लगभग 35 सेक्टर्स और 1300 से अधिक जॉब रोल्स में युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। 'कौशल कनेक्ट सेल' के सक्रिय होने से अब ट्रेनिंग और इंडस्ट्री की मांग के बीच का गैप खत्म होगा और यूपी के युवाओं को उनके जिले में ही बड़े उद्योगों में नौकरी मिल सकेगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। 'कौशल कनेक्ट सेल' की स्थापना न केवल प्रदेश में 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देगी, बल्कि उत्तर प्रदेश को 'स्किल हब' के बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
सिंगल प्वाइंट ऑफ कॉन्टैक्ट से मजबूत समन्वय
समन्वय को सुदृढ़ करने के लिए दोनों विभागों की ओर से एकल संपर्क सूत्र (एसपीओसी) नामित किए गए हैं। इन्वेस्ट यूपी की ओर से ओमैर शाहिद, टीम लीडर एसपीओसी के रूप में कार्य करेंगे। कौशल विकास मिशन की ओर से इस सेल की अध्यक्षता डॉ. पवित्रा टंडन, सहायक निदेशक द्वारा की जाएगी। मिशन के एसपीओसी अतुल कुमार सिंह को नामित किया गया है। उनकी सहायता के लिए धनंजय कुमार द्विवेदी और ज्योति श्रीवास्तव को भी टीम में शामिल किया गया है।
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