कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके शीर्ष नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सपा के पीडीए समारोह, पार्टी नेतृत्व की कार्यशैली और संगठन के भविष्य को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए।
पीडीए समारोह में मुरादाबाद की सांसद रहीं अनुपस्थिति
राजभर ने दावा किया कि पीडीए समारोह में मुरादाबाद की सांसद की अनुपस्थिति पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेदों का संकेत है। उन्होंने कहा कि बाद में सूचना न मिलने या कार्यक्रम की जानकारी छिपाने जैसे तर्क दिए जा सकते हैं, लेकिन वास्तविकता कुछ और है।
सपा कार्यकर्ताओं की भाषा और व्यवहार पर भी सवाल
सपा कार्यकर्ताओं की भाषा और व्यवहार पर भी निशाना साधते हुए राजभर ने कहा कि अब लोग ऐसे माहौल से दूरी बना रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर असंतोष लगातार बढ़ रहा है और इसका असर आने वाले समय में साफ दिखाई देगा।
सपा के वरिष्ठ नेता प्रोफेसर रामगोपाल यादव पर भी तीखा हमला
कैबिनेट मंत्री ने सपा के वरिष्ठ नेता प्रोफेसर रामगोपाल यादव पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि रामगोपाल यादव ने उनके और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया और हमेशा राजभर तथा मौर्य समाज को यादव समाज से छोटा समझते हैं। राजभर ने यह भी दावा किया कि उनके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जाता रहा है।
सपा में टूट तयः राजभर
राजभर ने कहा कि सपा में टूट तय है और पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर संघर्ष तेज होगा। उन्होंने दावा किया कि पार्टी का नेतृत्व भविष्य में "असली चाचा" के हाथों में जा सकता है, क्योंकि वही संगठन को दोबारा खड़ा करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं की राजनीतिक भूमिका आने वाले समय में सीमित हो सकती है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का दौर तेज
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का दौर लगातार तेज हो रहा है। हालांकि, ओमप्रकाश राजभर के इन आरोपों पर समाजवादी पार्टी की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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