लखनऊ। उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए फाइनल मतदाता सूची का प्रकाशन अब 15 अप्रैल को होगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने गुरूवार को इस संबध में आदेश जारी किया है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए फाइनल मतदाता सूची का प्रकाशन अब 15 अप्रैल को होगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने गुरूवार को इस संबध में आदेश जारी किया है। यह दूसरा मौका है जबकि मतदाता सूची के प्रकाशन की तिथि आगे बढायी गयी है। राज्य निर्वाचन आयोग के इस आदेश के बाद अब त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव लंबे समय तक टलने की आशंका बलवती हो गयी है। उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। यूपी के पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर बार-बार दावा कर रहे हैं चुनाव समय पर ही होगा। इस बीच मतदाता सूची के प्रकाशन की तिथि में बदलाव के बाद चुनाव समय से कराने पर सवालिया निशान लग गया है। आयोग के फैसले और देरी देखकर लगता है कि अप्रैल-मई में चुनाव मुश्किल हैं।
पंचायत चुनाव फिर टले?
राजनीतिक दल और उम्मीदवार अब पंचायत चुनाव को लेकर अगले फैसले का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन फाइनल वोटर लिस्ट 15 अप्रैल को आएगी, तो सिर्फ एक महीने में चुनाव की सारी तैयारियां जैसे आरक्षण, नामांकन, प्रचार और मतदान कराना बहुत मुश्किल लग रहा है। अभी तक ओबीसी आरक्षण के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग गठन की प्रक्रिया भी शुरू नहीं हुई है। इस आयोग में 5 सदस्य होंगे, जिसमें अध्यक्ष हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज होंगे। फिर ट्रिपल टेस्ट करके ओबीसी आरक्षण तय होगा। यह सब समय लेगा। निर्वाचन आयोग के मुताबिक यूपी में इस साल होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए फाइनल वोटर लिस्ट अब 15 अप्रैल को आएगी। पहले घोषित आदेश के अनुसार पंचायत चुनाव के लिए अंतिम मतदाता सूची 28 मार्च को जारी होनी थी। अब फाइनल वोटर लिस्ट के प्रकाशन का समय बढ़ाये जाने के बाद पंचायत चुनाव टलने की चर्चा तेज हो गई है। यूपी में पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन अब 15 अप्रैल को किया जाएगा। दूसरी बार अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन का समय बढ़ाया गया है। पहले यह तारीख छह फरवरी से बढ़ाकर 28 मार्च की गई थी। अब फिर समय-सीमा बढ़ा दी गई है।
मतदाता सूची में फिर देरी
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, कई वजहों से यह फैसला लिया गया। मतदाता सूची को कंप्यूटरीकृत करना, राज्य मतदाता नंबर जारी करना और मतदान स्थलों की मैपिंग का काम पूरा नहीं हो पाया। पहले यह सब 27 मार्च तक होना था, अब से 13 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया। SIR में देरी, बोर्ड परीक्षाएं, ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) पर कई कामों का बोझ और प्रशासन की व्यस्तता मुख्य कारण बताए गए हैं। इन सबके चलते दावे-आपत्तियों का निस्तारण यूपी में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो रहा है। ऐसे में समय पर चुनाव कराना बड़ी चुनौती होगा। गुरुवार को राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन का समय बढ़ाए जाने का आदेश जारी कर दिया गया। राज्य निर्वाचन आयुक्त राज प्रताप सिंह की ओर से जारी किए गए आदेश के अनुसार अभी तक मतदाता सूची को कंप्यूटरीकृत किए जाने, राज्य मतदाता नंबर जारी करने व मतदेय स्थलों की मैपिंग किए जाने का कार्य अभी तक 27 मार्च तक किया जाना था। अब इसे भी बढ़ाकर 13 अप्रैल कर दिया गया है। फिर 15 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। यूपी की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), बोर्ड की परीक्षाएं व अन्य कार्यों में प्रशासनिक मशीनरी के व्यस्त होने और बीएलओ की ड्यूटी कर रहे कर्मियों पर लगातार कई कार्यों का एक साथ बोझ होने के चलते पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीखें दो बार बढ़ाई जा चुकी हैं। राज्य में इस बार पंचायत चुनाव के लिए पिछले चुनाव की अपेक्षा कुल 40.19 लाख मतदाता बढ़े थे। सूची को लेकर आयोग ने दावे और आपत्तियां मांगी थीं। लाखों दावे व आपत्तियां आई हैं। पहले छह फरवरी को अंतिम सूची प्रकाशित की जानी थी लेकिन आयोग अब समयसीमा बढ़ा दी है।
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