रायबरेली के चंदापुर थाना क्षेत्र में एक महिला का पुलिसकर्मी से बहस का वीडियो वायरल हुआ है। महिला ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके बुजुर्ग ससुर को जबरन उठाने की कोशिश की और परिवार को धमकाया।
रायबरेली: उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में चंदापुर थाना क्षेत्र से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता एक मामला सामने आया है। जियापुर-शिवगढ़ मजरे मऊ गांव में दबंगों की शह पर बुजुर्ग को जबरन उठाने, अभद्रता करने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने के विरोध में पुलिसकर्मी से बहस करती महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस मामले में पीड़ित बहू ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
ये है पूरा मामला
पीड़िता रीता के मुताबिक, घटना 24 जुलाई की शाम करीब 6 बजे की है। उनके गांव की एक महिला कुछ आपराधिक किस्म के लोगों और पुलिसकर्मियों के साथ स्कॉर्पियो गाड़ी में उनके घर पहुंची। आरोप है कि तीन पुलिसकर्मी उनके वृद्ध ससुर माताफेर को जबरन ले जाने लगे। परिजनों ने जब इसका विरोध किया और कहा कि वे कोई अपराधी नहीं हैं वे खुद थाने जाएंगे। इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने उनकी एक न सुनी और उन्हें जबरदस्ती बाइक पर बैठाने लगे।
पीड़िता ने शिकायत पत्र में कहा...
पीड़िता ने एसपी को दिए शिकायत पत्र में कई स्थानीय और बाहरी लोगों का जिक्र करते हुए आशंका जताई है कि ये लोग पुलिस की शह पर उनके परिवार के साथ कोई अनहोनी कर सकते हैं। पीड़िता का कहना है कि उनका छोटा बच्चा गंभीर रूप से बीमार है। पुलिस व दबंगों के इस कृत्य से पूरा परिवार खौफ के साये में जीने को मजबूर है।
चंदापुर थाना प्रभारी अरविंद सिंह ने वायरल वीडियो पर कहा...
इस मामले पर चंदापुर थाना प्रभारी अरविंद सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो में दिख रहे बुजुर्ग अपने पड़ोसी का पानी सरकारी नाली में नहीं जाने दे रहे थे। उन्होंने अपने बचाव में वीडियो बनाकर वायरल किया है। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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