योगी सरकार ने गोरखपुर विश्वविद्यालय की वरिष्ठ शिक्षिका प्रो. कीर्ति पांडेय को सितंबर 2024 को इसका पहला अध्यक्ष बनाया था, लेकिन एक साल पूरा होते ही प्रो. कीर्ति पांडेय ने अचानक इस्तीफा दे दिया था।
शिक्षा सेवा चयन आयोग अध्यक्ष प्रो. कीर्ति पांडेय से लिया गया था इस्तीफा
इस्तीफे के पीछे का अब हुआ खुलासा
लखनऊ।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग का गठन राज्य में बेसिक, माध्य व उच्च शिक्षा के एडेड कॉलेजों में शिक्षकों की भर्ती के लिए किया गया था। योगी सरकार ने गोरखपुर विश्वविद्यालय की वरिष्ठ शिक्षिका प्रो. कीर्ति पांडेय को सितंबर 2024 को इसका पहला अध्यक्ष बनाया था, लेकिन एक साल पूरा होते ही 22 सितंबर 2025 को प्रो. कीर्ति पांडेय ने अचानक इस्तीफा दे दिया था। जिसे 26 सितंबर को स्वीकृत कर लिया गया। इस्तीफा के कारण को लेकर उस समय तरह-तरह की चर्चाएं हो रही थीं। इस्तीफे के कारण का खुलासा अब भर्ती परीक्षा निरस्त किये जाने के बाद हुआ है। स्पष्ट हो गया है कि उनसे इस्तीफा लिया गया था।
प्रो. कीर्ति पांडेय की देखरेख में असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा 2025 परीक्षा के तुरंत बाद ही पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे थे। लिखित परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद पूरी परीक्षा संदेह के घेरे में आ गई थी। अभ्यर्थियों के विरोध के बावजूद उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने अक्तूबर में इंटरव्यू कराने की घोषणा कर दी थी लेकिन विवाद बढ़ने पर तत्कालीन अध्यक्ष प्रो. कीति पांडेय ने परीक्षा स्थगित कर दी और कुछ दिन बाद अध्यक्ष पद से इस्तीफा भी दे दिया।
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