यूपी और जर्मनी के बीच MSME सहयोग पर चर्चा हुई। इंडो-जर्मन गेटवे प्रोग्राम के जरिए यूपी की MSME और स्टार्टअप इकाइयों को जर्मन बाजार से जोड़ने पर जोर दिया गया।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। लखनऊ में उत्तर प्रदेश और जर्मनी के बीच MSME सेक्टर को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने की दिशा में अहम पहल हुई है। जर्मनी से आए प्रतिनिधिमंडल ने MSME मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी से मुलाकात कर व्यापार, निवेश, तकनीकी सहयोग और स्टार्टअप्स के अंतरराष्ट्रीय विस्तार पर चर्चा की। इस दौरान इंडो-जर्मन गेटवे प्रोग्राम के जरिए यूपी की MSME और स्टार्टअप इकाइयों को जर्मनी के बाजार तक पहुंच दिलाने पर जोर दिया गया। वहीं, जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने यूपी के इंफ्रास्ट्रक्चर और कारोबारी माहौल की सराहना करते हुए राज्य के साथ दीर्घकालिक साझेदारी में रुचि दिखाई।
जर्मन बाजार से MSME इकाइयों को जोड़ने की तैयारी
उत्तर प्रदेश और जर्मनी के बीच MSME सेक्टर में सहयोग बढ़ाने को लेकर अहम चर्चा हुई। जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने MSME मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी से मुलाकात कर निवेश, तकनीकी सहयोग और स्टार्टअप्स के ग्लोबल विस्तार पर बातचीत की। इस दौरान इंडो-जर्मन गेटवे प्रोग्राम के जरिए यूपी की MSME इकाइयों को जर्मन बाजार से जोड़ने और संयुक्त परियोजनाओं को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
यूपी में करीब एक करोड़ MSME इकाइयां: भूपेंद्र चौधरी
मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा, "मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है। प्रदेश में निवेशकों के लिए भरोसेमंद और पारदर्शी कारोबारी वातावरण तैयार किया गया है। देश के कुल एमएसएमई का लगभग 14 प्रतिशत हिस्सा यूपी में है और लगभग एक करोड़ एमएसएमई इकाइयां यहां कार्यरत हैं। कृषि के बाद रोजगार का सबसे बड़ा क्षेत्र एमएसएमई है।"
भारत-जर्मनी व्यापार 31 बिलियन डॉलर के करीब
उन्होंने बताया, "भारत व जर्मनी के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 31.01 बिलियन डॉलर का है। यूरोपीय संघ को होने वाले यूपी के कुल निर्यात में जर्मनी की हिस्सेदारी लगभग 19.8 प्रतिशत है। यूपी से जर्मनी को प्रतिवर्ष 404.20 मिलियन डॉलर से अधिक का निर्यात होता है, जिसमें रेडीमेड वस्त्र, चर्म उत्पाद, फुटवियर, कालीन, ऑटो कंपोनेंट्स प्रमुख हैं। प्रदेश का कुल निर्यात लगभग 18.2 बिलियन यूरो यानी करीब दो लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है और यूपी देश का पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक राज्य बन गया है।"
इंडो-जर्मन गेटवे प्रोग्राम से स्टार्टअप्स को मिलेगा फायदा
बैठक में बताया, "इंडो-जर्मन गेटवे प्रोग्राम 12 माह का संरचित कार्यक्रम है, जिसे जर्मनी के इनोवेशन हब राइन-मेन तथा जीआईबीए के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इसके तहत चयनित एमएसएमई एवं स्टार्टअप्स को जर्मनी में कानूनी कंपनी स्थापित करने, वहां के बाजार को समझने और विदेशी खरीदारों से सीधे संपर्क के लिए सहायता दी जाएगी। प्रिसीजन इंजीनियरिंग, ऑटोमेशन, इलेक्ट्रिक वाहन, सौर ऊर्जा और रीसाइक्लिंग जैसे क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई।"
जर्मनी ने यूपी में दीर्घकालिक सहयोग में दिखाई रुचि
जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने यूपी के मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और कारोबारी वातावरण की सराहना की। उन्होंने कहा, "इस प्रोग्राम में केवल बड़ी कंपनियों पर ही नहीं, बल्कि स्पष्ट विजन वाली संभावनाशील एमएसएमई और स्टार्टअप्स का चयन किया जाएगा। उन्होंने यूपी के विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के माध्यम से व्यापारिक संबंध बढ़ाने में रुचि दिखाई।"
जर्मन उद्यमियों को यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का न्योता
मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने जर्मन उद्यमियों को 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाले चौथे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में आमंत्रित किया। उन्होंने कहा, "यह साझेदारी व्यापार, तकनीक, निवेश और कौशल के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग का मजबूत आधार बनेगी। प्रथम चरण में वैश्विक विस्तार की क्षमता वाली इकाइयों की पहचान की जाएगी।"
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