नेपाल दूतावास ने उत्तर प्रदेश सरकार, उत्तर प्रदेश पुलिस, नेपाल पुलिस, केआईएन इंडिया और बचाव अभियान में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से योगदान देने वाली सभी एजेंसियों को धन्यवाद दिया।
नई दिल्ली। भारत में नेपाल दूतावास ने उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में कथित नेटवर्किंग धोखाधड़ी के एक मामले में 453 नेपाली नागरिकों को बचाने की घोषणा की है। यह बचाव अभियान भारतीय और नेपाली अधिकारियों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। नई दिल्ली स्थित नेपाल दूतावास ने रविवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि यह बचाव अभियान उत्तर प्रदेश पुलिस, संबंधित भारतीय सरकारी एजेंसियों और गैर-सरकारी संगठन केआईएन इंडिया के समन्वय से चलाया गया। भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में नेपाली श्रमिक नागरिकों के शोषण और धोखाधड़ी की खबरों के बाद यह अभियान चलाया गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में कई स्थानों पर छापेमारी की।
बचाए गए लोगों में 115 महिलाएं और 338 पुरुष
इसके परिणामस्वरूप, 29 मई को 115 महिलाओं और 338 पुरुषों सहित कुल 453 नेपाली नागरिकों को बचाया गया और आगे की कार्रवाई के लिए उन्हें रूपन्देही जिला पुलिस कार्यालय को सौंप दिया गया। दूतावास ने बताया कि रूपन्देही के अधिकारियों ने कथित धोखाधड़ी नेटवर्क में संलिप्तता के संदेह में छह महिलाओं सहित 19 लोगों को हिरासत में लिया है। मामले की जांच जारी है। नेपाल दूतावास ने समन्वित प्रयास की सराहना करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार, उत्तर प्रदेश पुलिस, नेपाल पुलिस, केआईएन इंडिया और बचाव अभियान में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से योगदान देने वाली सभी एजेंसियों को धन्यवाद दिया।
नेपाली नागरिकों को सत्क रहने का आग्रह
भारत में रहने या काम करने वाले नेपाली नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, दूतावास ने नेपाली नागरिकों से फर्जी रोजगार प्रस्तावों और अन्य प्रकार के प्रलोभनों, विशेष रूप से सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचारित या विदेश में रोजगार के अवसर प्रदान करने का दावा करने वाले प्रस्तावों के प्रति सतर्क रहने का आग्रह किया। दूतावास ने इस बात पर जोर दिया कि नेपाल सरकार और भारत में उसका राजनयिक मिशन नेपाली नागरिकों की सुरक्षा और उन्हें मानव तस्करी, श्रम शोषण और वित्तीय धोखाधड़ी योजनाओं का शिकार होने से बचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।(एएनआई)