बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा कोर रेंज में बाघ के हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं, कान्हा नेशनल पार्क के मगरनाला बीट में करीब 4 वर्ष की आयु के एक नर बाघ का शव मिला है।
मंडला/कान्हा (एमपी)। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा कोर रेंज से एक दुखद खबर सामने आई है। यहाँ बाघ के हमले में कुदरी निवासी रज्जू कोल (50) की मौत हो गई। मृतक ग्रामीण हर रोज की तरह जंगल में महुआ बीनने गया था। वहीं मध्य प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध कान्हा नेशनल पार्क में किसली रेंज के अंतर्गत मगरनाला बीट में गश्ती दल को करीब 4 वर्ष की आयु के एक नर बाघ का शव मिला।
कोर एरिया में हादसा
जानकारी के अभाव में वह घने जंगल (कोर जोन) के अंदर चला गया, जहां पहले से ही एक बाघ की मौजूदगी थी। महुआ बीनते समय बाघ ने अचानक उन पर हमला कर दिया। हमले में मृतक के जांघ और पेट के हिस्से गंभीर रूप से जख्मी हो गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रदेश में बाघों की बढ़ती मौतें और मानव-वन्यजीव संघर्ष की ये घटनाएं वन प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
मगरनाला बीट में मिला एक नर बाघ का शव
मध्य प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध कान्हा नेशनल पार्क में बाघों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को पार्क के किसली रेंज के अंतर्गत मगरनाला बीट में गश्ती दल को करीब 4 वर्ष की आयु के एक नर बाघ का शव मिला। इस ताजा घटना के बाद वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों में हड़कंप मच गया है।
मौत का कारण आपसी संघर्ष, अब तक 7 बाघ की मौत हुई
प्राथमिक जांच के अनुसार, बाघ की मौत आपसी संघर्ष (Infighting) में होना बताई जा रही है। घटना स्थल के पास एक अन्य वयस्क नर बाघ की मौजूदगी के साक्ष्य भी मिले हैं। कान्हा में इस साल जनवरी से अब तक 7 बाघों की मौत हो चुकी है, जिसमें एक बाघिन और उसके चार शावक भी शामिल हैं। वहीं, पिछले एक साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह संख्या 12 तक पहुंच गई है।
विशेषज्ञों ने की छानबीन
सूचना मिलने पर डॉग स्क्वॉड और विशेषज्ञों की टीम ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। बाघ का शरीर सुरक्षित पाया गया है, जिससे शिकार की संभावना कम जताई जा रही है।
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