मुरैना जिले के कसमड़ा गांव में नाले के अभाव में हर साल जलभराव की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द स्थायी समाधान और नाले के निर्माण की मांग की है।
मुरैना (मध्य प्रदेश)। अंबाह तहसील क्षेत्र के ग्राम कसमड़ा में नाले के अभाव में बरसात के दिनों में जलभराव ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। गांव के रास्ते से होकर गुजरने वाले निचले क्षेत्र में बारिश का पानी जमा होने से रास्ता तालाब में तब्दील हो जाता है। ऐसे में ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने की नाले के निर्माण की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव की यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि कई वर्षों से चली आ रही है। हर साल बारिश के मौसम में हालात बिगड़ते हैं, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान के लिए अब तक नाले का निर्माण नहीं हो सका है। ग्रामीणों के अनुसार कसमड़ा गांव में मान सिंह तोमर के मकान से डाकपुरा रोड तक करीब 200 मीटर लंबे नाले के निर्माण की मांग की गई है। इसके लिए प्रस्ताव भी तैयार किया गया था, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से समस्या जस की तस बनी हुई है।
बारिश में रास्ता बंद, घर-खेत भी प्रभावित
जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी रास्ते पर जमा होने के साथ आसपास के खेतों और आबादी क्षेत्र की ओर फैल जाता है। पानी अधिक भरने पर पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते नाले का निर्माण नहीं कराया गया तो आगामी बारिश में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
ग्रामीणों की दो टूक—अब चाहिए स्थायी समाधान
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि 200 मीटर प्रस्तावित नाले का निर्माण जल्द शुरू कराया जाए और इसे डाकपुरा रोड तक जोड़ा जाए। ग्रामीणों का कहना है कि केवल अस्थायी जल निकासी से समस्या का समाधान नहीं होगा। नाले का निर्माण होने से बारिश के पानी की निकासी सुचारु होगी और गांव के रास्ते पर होने वाला जलभराव भी खत्म हो सकेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि कसमड़ा की यह समस्या वर्षों पुरानी है, अब इसे फाइलों में नहीं बल्कि जमीन पर समाधान चाहिए।
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