पश्चिंम बंगाल में एसआइआर के तहत उन वोटरों की सुनवाई 27 दिसंबर से शुरू हो गई है जिन वोटरों के नामों आदि का मिलान 2002 के वोटर लिस्ट से नहीं हो पाया है या खामी रह गई है।
कोलकाता। पश्चिंम बंगाल में एसआइआर के तहत उन वोटरों की सुनवाई 27 दिसंबर से शुरू हो गई है जिन वोटरों के नामों आदि का मिलान 2002 के वोटर लिस्ट से नहीं हो पाया है या खामी रह गई है। इधर चुनाव आयोग ने उन सूक्ष्म पर्यवेक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला किया है जो तय समय पर वोटरों की सुनवाई केंद्रों में उपस्थित नहीं हो पाए हैं। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय की सुरक्षा के लिए केंद्रीय बल तैनात किए गए हैं।
पूरे राज्य में करीब तीन हजार 234 टेबुल पर हो रही वोटरों की सुनवाई
राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार पूरे राज्य में करीब तीन हजार 234 टेबुल पर वोटरों की सुनवाई हो रही है। कोलकाता में 121 टेबुल हैं। हरेक टेबुल पर करीब डेढ़ सौ वोटरों की सुनवाई हो रही है। ईआरओ और एईआरओ सूक्ष्म पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में वोटरों की सुनवाई कर रहे हैं। करीब चार हजार छह सौ सूक्ष्म पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है। सुनवाई के दौरान पूरे समय तक बीएलओ की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है।
15 जनवरी तक चलेगी वोटरों की सुनवाई
हर सुनवाई केंद्र पर पुलिस तैनात कर सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की गई है। सूत्रों का कहना है कि बीएलओ को मिल रही धमकी को देखते हुए उनकी सुरक्षा की भी व्यवस्था की गई है। वोटरों की सुनवाई 15 जनवरी तक चलेगी। 15 फरवरी को अंतिम वोटर लिस्ट का प्रकाशन होगा। जिन वोटरों की उम्र 85 साल हो गई है, उनकी सुनवाई उनके घर पर ही होगी।
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