भोपाल। मध्य प्रदेश के बहुचर्चित व्यापमं (Vyapam) घोटाले की जांच एक बार फिर गरमा गई है।
भोपाल। मध्य प्रदेश के बहुचर्चित व्यापमं (Vyapam) घोटाले की जांच एक बार फिर गरमा गई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए CBI और मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
यह है पूरा मामला
यह कार्रवाई पूर्व विधायक और व्यापमं मामले के मुख्य विसल ब्लोअर (Whistleblower) पारस सकलेचा द्वारा दायर एक याचिका पर हुई है। सकलेचा ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि उन्होंने घोटाले से जुड़े 320 पन्नों की एक विस्तृत शिकायत और महत्वपूर्ण दस्तावेज़ जांच एजेंसियों को सौंपे थे, लेकिन उन पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
सुप्रीम कोर्ट के कड़े सवाल
जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए पूछा कि सकलेचा द्वारा दी गई 320 पन्नों की डिटेल शिकायत पर अब तक क्या एक्शन लिया गया? जांच एजेंसियां उन बिंदुओं पर चुप क्यों हैं जो इस शिकायत में उठाए गए थे?
याचिकाकर्ता का पक्ष
पारस सकलेचा का कहना है कि उन्होंने 2014-15 में ही STF और बाद में CBI को घोटाले से जुड़े पुख्ता सबूत दिए थे। उनके अनुसार, इन दस्तावेजों में तत्कालीन रसूखदारों और अधिकारियों की भूमिका के स्पष्ट संकेत थे। इंदौर हाई कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। घोटाले के उन पहलुओं की जांच करना जिन्हें अब तक नजरअंदाज किया गया है। इस आदेश के बाद अब CBI और राज्य सरकार को कोर्ट में यह स्पष्ट करना होगा कि इतने वर्षों बाद भी उन विशिष्ट शिकायतों पर क्या प्रगति हुई है।
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