भाजपा के जेपी नड्डा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की स्थिति मजबूत करने के लिए आए दूसरे राज्यों के नेताओं को यह हिदायत दी कि वे सभाओं में ऐसा कोई संकेत नहीं दें जिससे वे बाहरी लगें।
बंगाल में नड्डा ने “बाहरी” होने की छवि नहीं बनने देने की दी हिदायत
बैठक में गुजरात, यूपी, एमपी और राजस्थान के नेता रहे मौजूद
कोलकाता।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की स्थिति मजबूत करने के लिए आए दूसरे राज्यों के नेताओं को यह हिदायत दी कि वे सभाओं में ऐसा कोई संकेत नहीं दें जिससे बांग्लाभाषी उन्हें “बाहरी” लगे। उन्हें बांग्ला बोलने नहीं आती, इसलिए वे मंच पर दिखने की बजाय आड़े रह कर पार्टी का मकसद पूरा करें। उन्होंने पार्टी के प्रदेश और जिला के पदाधिकारियों और महत्वपूर्ण नेताओं को साथ बैठक की। इस बैठक में गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान से आए नेता भी मौजूद रहे,जिन्हें विधानसभा चुनाव तक इसी राज्य के विभिन्न जिलों मे रह कर पार्टी के पक्ष में माहौल तैयार करना है।
भाजपा सूत्रों के मुताबिक भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पिछले लोकसभा चुनाव की कुछ बातों पर गौर किया है। पिछले विधानसभा लोकसभा चुनाव में दूसरे राज्यों से आए भाजपा नेताओं ने चुनाव प्रचार के तमाम कार्यक्रमों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया था। लेकिन उसका अच्छा नतीजा नहीं निकला। आम बांग्लाभाषिय़ों में चुनाव जीतने के लिए “बाहरी” भाजपा नेताओं लाने का संदेश गया था और पार्टी को नुकसान हुआ। दूसरे राज्यों के पचास से अधिक नेताओं को इस राज्य के विभिन्न जिलों में रह कर विधानसभा चुनाव में पार्टी की स्थिति मजबूत करने करे काम में लगाया गया। पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उन्हें समझाया है कि वे प्रदेश व जिलो के पार्टी नेताओं के साथ रह कर तमाम कार्यकर्मों में उन्हें पूरा-पूरा हर सहयोग करें। कार्यक्रमों में रैलियों में आगे रहने या सभाओं में मंच पर बैठने, अपना सम्मान कराने, फूलमाला पहनने से बचें।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेरी नड्डा ने केंद्रीय कृह मंत्री अमित शाह के निर्देश और विधनसभा चुनाव के मद्देनजर उठाए जाने वाले मुख्य मुद्दों पर जोर दिया। भ्रष्टाचार और बांग्लादेशी घुसपैठ के मुख्य मुद्दे हैं। बैठक मे इन दो मुद्दों को जोरदार ढंग के उठाने के बारे में चर्चा हुई।
पार्टी सूत्रों के अनुसार विधानसभा चुनाव को ध्यान में रख केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा शासित राज्यो के मंत्रियों का कोलकाता और राज्य के विभिन्न जगहों में विभिन्न कार्यक्रमों के बहाने अभी से आना-जाना बढ़ गया है। चुनाव के ऐलान के बाद उनका चुनाव प्रचार से लिए आना-जाना और बढ़ जाएगा। अभी से यहां चुनाव तक रहने के लिए दूसरों राज्यों से आए नेताओं की यह जिम्मेदारी होगी कि वे अपने-अपने राज्यों से आने वाले मंत्रियो और वरिष्ठ पदाधिकारियों के कार्यक्रमों को स्थानीय नेताओं से तालमेल बैठा कर कामयाब करें।
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