प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News
  • उत्तराखंड परिवहन विभाग की बड़ी प्लानिंग, विभाग के बेड़े में देहरादून, हरिद्वार को मिलेगी 137 इलेक्ट्रिक बसें, प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत मिलेंगी बसें
  • देहरादून: अप्रैल से शुरू होगी चारधाम की यात्रा, टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है, लगभग 8-9 हेलीकॉप्टर कंपनियां देंगी सेवाएं, IRCTC के सहयोग से होगी ऑनलाइन बुकिंग
  • जालौन: टोल प्लाजा पर कानपुर बार के मंत्री के साथ हुई बदसलूकी, फास्ट टैग विवाद में टोलकर्मियों ने की दबंगई, बदसलूकी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
  • कानपुर: 9वीं के छात्र का खेत के पास मिला शव, लोअर के नाड़े से गला घोंटकर की हत्या, DCP साउथ ने दिया जल्द खुलासे का भरोसा
  • मऊ: तेज रफ्तार कार ने बाइक में मारी टक्कर, हादसे में बाइक सवार की मौत, ओवरटेक करने के चक्कर में हुआ भीषण हादसा
  • गाजियाबाद: मशहूर यूट्यूबर अनुराग ने की आत्महत्या की कोशिश, मेरठ हाईवे पर लाइव वीडियो के दौरान 'फाइनल ड्राइव' बोलकर 164 की रफ्तार में डिवाइडर से टकराई कार
  • कौशांबी: संपत्ति और पैसों के लिए पोते ने दादा को उतारा मौत के घाट, खेत में काम करते समय किया जानलेवा हमला, पोते पर 15 लाख रुपए का कर्ज चुकाने का था दबाव, पुलिस मामले की जांच में जुट गई
  • कानपुर: पुलिस और लुटेरों के बीच मुठभेड़, दो लुटेरों के पैर में लगी गोली, 3 शातिर आरोपी गिरफ्तार, तमंचे, कारतूस और लूट का सामान बरामद
  • फतेहपुर: नई बहू के गृह प्रवेश पर दबंगों ने किया जमकर पथराव, लाठी-सरिया लेकर बारात घर पर हमला, मारपीट में 6 से ज्यादा लोग घायल

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन

पश्चिम बंगाल में एसआईआर के लिए झारखंड और ओडिशा के सौ-सौ जज

कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर का कार्य समय रहते पूरा करने बाबत पड़ोसी राज्य झारखंड और ओडिशा से दो सौ जजों को नियुक्त करने का  फैसला किया है।

पश्चिम बंगाल में एसआईआर के लिए झारखंड और ओडिशा के सौ-सौ जज

पश्चिम बंगाल में एसआईआर के लिए झारखंड और ओडिशा के सौ-सौ जज

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मद्देनजर बुलाए जा रहे हैं जज

कोलकाता।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर का कार्य समय रहते पूरा करने बाबत पड़ोसी राज्य झारखंड और ओडिशा से दो सौ जजों को नियुक्त करने का  फैसला किया है। दोनों राज्यों के जजों को पत्र भेज दिया गया है। एक-दो दिन में वे कोलकाता पहुंच रहे हैं। कलकत्ता हाई कोर्ट नें सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मद्देनजर यह कदम उठाया है। 
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार कलकत्ता हाई कोर्ट एसआईआर के तहत वोटरों के उन कागजातों की जांच करेगा जिनका मिलान नहीं हो सका है या चुनाव आयोग की ओर से तय प्रमाण पत्र संलग्न नहीं हैं या अपलोड नहीं किए गए हैं। वोटरों के कागजात की जांच शुरू कर दी  गई है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने अब तक 532 जजों की नियुक्ति की गई है। वोटरों के कागजातें की संख्या देखते हुए और जजों की जरूरत है। इसलिए झारखंड और ओडिशा के जजों की मदद ली जा रही है। 
दोनों राज्यों के जजों की मदद लेने पर एक सहूलियत यह है कि वे बांग्ला और बंगाली समाज के जनाकार हैं। चुनाव आयोग द्वारा दूसरे राज्यों के ऐसे अधिकारियों को रोल और माइक्रों आबजर्बर के रूप में नियुक्त किया गया था जो बांग्ला और बंगाली समाज से जानकार नहीं है। इसके कारण काफी समस्याएं खड़ी हो गई थीं, जिन्हें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट के सामने रखा था। 
राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक पश्चिम बंगाल में एसआईआर के कार्य में मदद देने के लिए आने वाले  झारखंड और ओडिशा के जजों के ठहरने और कगीं आने-जाने की वयवस्था की गई है।

इसे भी पढ़ें।

यूजीसी बिल समाज को बांटने की साजिश: संजय सिंह

https://www.primenewsnetwork.in/state/sanjay-singh-calls-ugc-bill-a-social-divide/146125

Related to this topic: