कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर का कार्य समय रहते पूरा करने बाबत पड़ोसी राज्य झारखंड और ओडिशा से दो सौ जजों को नियुक्त करने का फैसला किया है।
पश्चिम बंगाल में एसआईआर के लिए झारखंड और ओडिशा के सौ-सौ जज
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मद्देनजर बुलाए जा रहे हैं जज
कोलकाता।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर का कार्य समय रहते पूरा करने बाबत पड़ोसी राज्य झारखंड और ओडिशा से दो सौ जजों को नियुक्त करने का फैसला किया है। दोनों राज्यों के जजों को पत्र भेज दिया गया है। एक-दो दिन में वे कोलकाता पहुंच रहे हैं। कलकत्ता हाई कोर्ट नें सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मद्देनजर यह कदम उठाया है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार कलकत्ता हाई कोर्ट एसआईआर के तहत वोटरों के उन कागजातों की जांच करेगा जिनका मिलान नहीं हो सका है या चुनाव आयोग की ओर से तय प्रमाण पत्र संलग्न नहीं हैं या अपलोड नहीं किए गए हैं। वोटरों के कागजात की जांच शुरू कर दी गई है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने अब तक 532 जजों की नियुक्ति की गई है। वोटरों के कागजातें की संख्या देखते हुए और जजों की जरूरत है। इसलिए झारखंड और ओडिशा के जजों की मदद ली जा रही है।
दोनों राज्यों के जजों की मदद लेने पर एक सहूलियत यह है कि वे बांग्ला और बंगाली समाज के जनाकार हैं। चुनाव आयोग द्वारा दूसरे राज्यों के ऐसे अधिकारियों को रोल और माइक्रों आबजर्बर के रूप में नियुक्त किया गया था जो बांग्ला और बंगाली समाज से जानकार नहीं है। इसके कारण काफी समस्याएं खड़ी हो गई थीं, जिन्हें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट के सामने रखा था।
राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक पश्चिम बंगाल में एसआईआर के कार्य में मदद देने के लिए आने वाले झारखंड और ओडिशा के जजों के ठहरने और कगीं आने-जाने की वयवस्था की गई है।
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