West bengal : पश्चिम बंगाल में आम वोटरों के लिए 16 दिसंबर को चुनाव आयोग द्वारा वोटर लिस्ट का मसौदा (ड्राफ्ट) जारी होने तक का समय काटना मुश्किल हो गया है।
West bengal : पश्चिम बंगाल में आम वोटरों के लिए 16 दिसंबर को चुनाव आयोग द्वारा वोटर लिस्ट का मसौदा (ड्राफ्ट) जारी होने तक का समय काटना मुश्किल हो गया है। वे संशय में हैं कि चुनाव आयोग क्या सलूक करेगा, उनका नाम वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट में रखा है या उड़ा दिया है। राज्य मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार 59 लाख से ज्यादा वोटरों का नाम वोटर लिस्ट से कटने वाला है।
इनमें मृत वोटर, स्थानांतरित वोटर, लापता वोटर, एक से अधिक बूथ पर नाम वाले वोटर शामिल हैं। 30 से ज्यादा ऐसे वोटर हैं, जिनके नाम 2002 के वोटर लिस्ट से नहीं मिल रहे हैं। बीएलओ के मोबाइल पर उनके बूथों के वोटरों के वोटर लिस्ट का ड्राफ्त उपलब्ध करा दिया गया है। राज्य मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक 16 दिसंबर को वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट पंचायत, नगर पालिका, नगर निगम, बीडीओ, एसडीओ और डीएम के कार्यालय में टांग दिया जाएगा। इसके अलावा चुनाव आयोग के वेब साइट पर भी वोटर वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट को देख सकते हैं।
आम वोटर तो कार्यालयों की ओर दौड़ेंगे। मिली जानकारी के अनुसार दो प्रकार के वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट बनाए जा रहे हैं। एक में जो वोटर हैं और दूसरे में जो वोटर नहीं हैं। उसके बाद उन वोटरों की सुनवाई होगी, जो इस बार वोटर नहीं बनाए गए हैं। नहीं बनाए गए वोटर की सुनवाई होगी और उन्हें चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित प्रमाण पत्र देकर नए सिरे वोटर बनने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
सूत्रों का कहना है कि वोटरों के बारे में सही-सही जानने की प्रक्रिया चल ही रही है। बीएलओ घर-घर जाकर जानकारी लेंगे। यह प्रक्रिया उस समय तक चलेगी जब तक अंतिम वोटर लिस्ट तैयार और प्रकाशित नहीं हो जाता। भाजपा लगातार दावा करती रही है कि पश्चिम बंगाल में डेढ़-दो करोड़ वोटर फर्जी और बांग्लादेश के घुसपैठिए हैं, लेकिन मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार 59 लाख वोटर का ही नाम वोटर लिस्ट से कट रहा है, इस बारे में पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में भाजपा नेता और विधानसभा में विपक्षी दल के नेता शुभेंदु अधिकारी का कहना है कि वे इस बारे में 14 फरवरी को बात करेंगे। इस बीच क्या-क्या होता है, देखना है। इस पर टीएमसी का कहना है कि भाजपा की ओर से चुनाव आयोग से डेढ़-दो करोड़ वोटरों को नाम हटाने का साजिश की जा रही है, इसका खुलासा हो गया है।
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