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कुसमुंडा खदान में डंपर गिरा, कर्मी मौत

SECL कुसमुंडा खदान में लगातार दूसरे दिन बड़ा हादसा, 150 फीट गहरी खाई में डंपर गिरने से कर्मी की मौत

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले स्थित एसईसीएल (SECL) की कुसमुंडा खदान में हादसों का सिलसिला लगातार जारी है।

secl कुसमुंडा खदान में लगातार दूसरे दिन बड़ा हादसा 150 फीट गहरी खाई में डंपर गिरने से कर्मी की मौत

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कोरबा {छत्तीसगढ़}। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले स्थित एसईसीएल (SECL) की कुसमुंडा खदान में हादसों का सिलसिला लगातार जारी है। ट्रेलर की चपेट में आने से एक चालक की मौत के अगले ही दिन खदान में एक और बड़ा हादसा हो गया। शनिवार-रविवार की दरमियानी रात डंपर पलटने से एक विभागीय कर्मचारी की मौत हो गई। घटना के बाद कर्मचारियों ने काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

अनलोडिंग के दौरान 150 फीट नीचे जा गिरा डंपर

जानकारी के अनुसार, एसईसीएल कॉलोनी के क्वार्टर नंबर G-25 में रहने वाले 38 वर्षीय सत्यनारायण शनिवार रात की पाली में ड्यूटी पर तैनात थे। रात करीब एक बजे वह कुसमुंडा खदान के खोडरी फेस में 60 टन क्षमता वाले डंपर से मिट्टी अनलोड कर रहे थे। इसी दौरान डंपर अचानक पीछे की ओर फिसल गया और अनियंत्रित होकर लगभग 150 फीट गहरी खाई में जा गिरा।

अस्पताल पहुंचने से पहले हुई मौत

हादसा इतना भीषण था कि डंपर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक सत्यनारायण गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही उन्हें अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की गई, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। मृतक अपने पीछे पत्नी और चार बच्चों को छोड़ गए हैं।

कर्मचारियों ने शुरू की हड़ताल

घटना के बाद खदान कर्मियों में भारी आक्रोश फैल गया। रविवार सुबह से ही कर्मचारियों ने खोडरी फेस में काम बंद कर दिया और हड़ताल पर बैठ गए। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए।

मैनेजर पर लगाए गंभीर आरोप

कर्मचारियों का आरोप है कि वर्तमान खदान मैनेजर कैलाश चंद बल कार्यस्थल पर अत्यधिक दबाव बनाते हैं और कर्मचारियों की समस्याओं पर ध्यान नहीं देते। उनका कहना है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण खदान में लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं।

परिजनों को नौकरी और मुआवजे की मांग

हड़ताली कर्मचारियों ने मांग की है कि मृतक सत्यनारायण के परिवार को सात दिनों के भीतर विभागीय नौकरी दी जाए और उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। साथ ही खदान में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की भी मांग की गई है।

पुलिस ने शुरू की जांच

लगातार दूसरे दिन हुए हादसे के बाद कुसमुंडा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। खदान क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है।

प्रबंधन की प्रतिक्रिया का इंतजार

घटना के बाद कर्मचारियों और परिजनों में नाराजगी बनी हुई है। हालांकि खबर लिखे जाने तक एसईसीएल प्रबंधन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।

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