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कम वर्षा की आशंका के बीच सीएम योगी का आह्वान, जल संरक्षण को बनाएं जनआंदोलन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को आयोजित बैठक में मौसम की स्थिति, मॉनसून की प्रगति, पेयजल आपूर्ति तथा भूजल संरक्षण से संबंधित कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की।

कम वर्षा की आशंका के बीच सीएम योगी का आह्वान जल संरक्षण को बनाएं जनआंदोलन

फाइल फोटो |

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को आयोजित बैठक में मौसम की स्थिति, मॉनसून की प्रगति, पेयजल आपूर्ति तथा भूजल संरक्षण से संबंधित कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। जलापूर्ति व्यवस्था निर्बाध एवं सुचारु बनी रहे तथा नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि संभावित कम वर्षा की परिस्थितियों को देखते हुए सभी विभाग अग्रिम तैयारियां सुनिश्चित करें।

जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान

मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा है कि मौसम की अनिश्चितता और मॉनसून की संभावित अनियमितता को देखते हुए प्रत्येक प्रदेशवासी को जल संचयन एवं जल संरक्षण के प्रयासों से जुड़ना होगा। उन्होंने कहा कि पानी की एक भी बूंद व्यर्थ नहीं जानी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर संचालित ‘कैच द रेन’ अभियान को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए तथा वर्षाजल संचयन को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ा जाए।

2026 में सामान्य से कम बारिश की संभावना

बैठक में मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग के दीर्घावधि पूर्वानुमान के अनुसार वर्ष 2026 के दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के दौरान उत्तर प्रदेश में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। पूर्वी एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश दोनों क्षेत्रों में जून से सितंबर तक वर्षा सामान्य से कम रहने के संकेत मिले हैं। जून माह में भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा तथा अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है।

तालाबों, अमृत सरोवरों और वर्षाजल संचयन पर फोकस

मुख्यमंत्री ने सिंचाई, पंचायती राज, भूगर्भ जल विभाग, नमामि गंगे, राजस्व तथा कृषि विभाग को मिलकर एक समेकित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के प्रयास केवल विभागीय कार्यक्रमों तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें जनसहभागिता से जोड़ा जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि तालाबों और पोखरों में गांवों का गंदा पानी न जाने पाए। मुख्यमंत्री ने पंचायती राज विभाग को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए जिससे पानी की एक भी बूंद व्यर्थ न जाए। उन्होंने अमृत सरोवरों के संरक्षण, स्वच्छता तथा नियमित रखरखाव पर विशेष ध्यान देने को कहा। मुख्यमंत्री ने वर्षाजल संचयन को मिशन मोड में आगे बढ़ाने पर बल देते हुए कहा कि सरकारी भवनों को जल संरक्षण का आदर्श मॉडल बनाया जाए।

भविष्य की जल एवं सिंचाई योजनाओं की तैयारी तेज

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आगामी वर्षों की कार्ययोजना को जल संरक्षण, हरित ऊर्जा तथा आधुनिक सिंचाई तकनीकों से जोड़ा जाए। उन्होंने मौसम विभाग से मॉनसून की साप्ताहिक रिपोर्ट नियमित रूप से उपलब्ध कराने की अपेक्षा व्यक्त की। बैठक में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा तथा पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर भी उपस्थित रहे। मंत्रियों ने विभागीय प्रयासों और प्रगति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

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