सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में जनता दर्शन के दौरान जनता की समस्याएं सुनीं और नोएडा में 'प्रेरणा विमर्श-2026' में सनातन परंपरा व सरकारी योजनाओं पर अहम विचार रखे। पढ़ें पूरी खबर।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित 'जनता दर्शन' के दौरान आम जनता की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। वहीं नोएडा के 'प्रेरणा विमर्श-2026' के समापन समारोह में उन्होंने सनातन परंपरा, महिला सुरक्षा और केंद्र तथा राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं पर खुलकर अपने विचार रखे।
जन समस्याओं का ऑन-स्पॉट समाधान
लखनऊ में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद लोगों की अर्जियों को गंभीरता से देखा। नागरिकों ने अपनी लिखित शिकायतें मुख्यमंत्री के सामने रखीं। इस दौरान सीएम योगी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। उन्होंने शिकायतों की एक-एक कॉपी संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए जनता को त्वरित राहत देने को कहा।
'सनातन परंपरा' और भारत की पहचान
दूसरी ओर, नोएडा में 'प्रेरणा विमर्श-2026' के समापन समारोह को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि भारत की मूल चेतना और पहचान इसकी प्राचीन सनातन परंपरा से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि जब हम भारत की बात करते हैं, तो इसकी असली आत्मा सनातन धर्म में बसती है। भारत दुनिया में एक धर्मनिरपेक्ष राज्य के रूप में इसलिए मौजूद है क्योंकि यहां की बहुसंख्यक आबादी सनातन परंपरा और ऋषि परंपरा का पालन करती है और उस पर गर्व महसूस करती है।
महिला सम्मान और विदुषियों का इतिहास
भारतीय समाज में महिलाओं के योगदान की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास से लेकर वर्तमान तक महिलाओं की गरिमा, सम्मान और सुरक्षा हमेशा से सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। उन्होंने प्राचीन इतिहास का हवाला देते हुए विदुषी गार्गी और महर्षि याज्ञवल्क्य के बीच हुए शास्त्रार्थ का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह प्रसंग उस काल की महिलाओं की बौद्धिक प्रतिभा और विद्वता को भली-भांति दर्शाता है।
बिना भेदभाव चल रही हैं कल्याणकारी योजनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली योजनाओं का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि लोक कल्याणकारी पहलों का मुख्य केंद्र बिंदु महिला, युवा, किसान और गरीब हैं। उन्होंने आवास योजनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत देश भर में चार करोड़ लोगों को बिना किसी भेदभाव के घर मिले हैं। अकेले उत्तर प्रदेश में 65 लाख लोगों को आवास मिल चुके हैं और जल्द ही 12 लाख और लोगों को आवास उपलब्ध कराए जाएंगे।
सबका साथ और सबका विकास
सीएम योगी ने साफ किया कि योजनाओं का लाभ देते समय किसी की जाति, क्षेत्र, भाषा या धर्म नहीं देखा जाता है। यह सब 'सबका साथ, सबका विकास' और 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' की भावना के तहत किया जा रहा है। उन्होंने भगवान कृष्ण के दर्शन का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव के बाद सरकार का दृष्टिकोण हर नागरिक के लिए एक समान (सम-दृष्टि) होता है। 'समत्वं योग उच्यते' के सिद्धांत को अपनाते हुए सरकार बिना किसी पक्षपात के कार्य कर रही है।
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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