उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1975 में लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय बताया।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1975 में लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि सत्ता के अहंकार में लिए गए इस फैसले ने देश की संवैधानिक व्यवस्था, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों को गहरा नुकसान पहुंचाया।
योगी आदित्यनाथ ने लोकतंत्र सेनानियों को किया नमन
सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी संदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला दिन था। उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके साहस को याद किया।
धामी ने भी आपातकाल को बताया लोकतंत्र पर हमला
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी आपातकाल की आलोचना की। उन्होंने कहा कि उस दौर में लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक मानदंडों को गंभीर क्षति पहुंची थी। धामी ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाए गए, प्रेस की आवाज दबाई गई और बड़ी संख्या में लोगों को बिना मुकदमे के जेल भेजा गया।
1975 में लागू हुआ था आपातकाल
भारत में 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में आपातकाल लागू किया गया था। यह 21 मार्च 1977 तक प्रभावी रहा। इस दौरान केंद्र सरकार को व्यापक अधिकार प्राप्त हो गए थे और कई संवैधानिक व्यवस्थाओं में बदलाव किए गए थे।
राजनीतिक संकट के बीच लिया गया फैसला
आपातकाल लागू होने से पहले देश में राजनीतिक अस्थिरता और विरोध प्रदर्शनों का माहौल था। बिहार और गुजरात में छात्र आंदोलनों ने जोर पकड़ लिया था। बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के आरोपों ने भी सरकार पर दबाव बढ़ाया था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले से बढ़ा विवाद
12 जून 1975 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के 1971 के चुनाव को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया था। इसके बाद राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदले और देश में राजनीतिक संकट गहरा गया।
मौलिक अधिकारों पर लगी थीं पाबंदियां
आपातकाल के दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, सभा करने और विरोध प्रदर्शन जैसे अधिकारों पर प्रतिबंध लगाए गए। कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया और प्रेस पर सेंसरशिप लागू की गई।
प्रेस पर भी लगाया गया नियंत्रण
समाचार पत्रों और मीडिया संस्थानों को सामग्री प्रकाशित करने से पहले सरकारी अनुमति लेने की व्यवस्था लागू की गई थी। इस अवधि में मीडिया की स्वतंत्रता पर व्यापक नियंत्रण देखने को मिला।
21 मार्च 1977 को समाप्त हुआ आपातकाल
करीब 21 महीने तक चले आपातकाल को 21 मार्च 1977 को समाप्त किया गया। इसके बाद आम चुनाव कराए गए और देश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला।
एएनआई
यह भी पढ़े: Mumbai Rain: मुंबई में भारी बारिश से ट्रांस-हार्बर लाइन प्रभावित, IMD ने जारी किया रेड अलर्ट