राम मंदिर में चढ़ावा चोरी विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी ने कहा है कि 15 दिन और इंतजार कीजिए, दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा।
अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को पहली बार अयोध्या पहुंचे। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ''15 दिन और इंतजार कीजिए, दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा।''
अनर्गल टिप्पणी और बातें ना करें
उन्होंने सभी रामभक्तों से अपील की कि ''अयोध्या के बारे में जो समाचार पत्रों में सुनने को मिला, हम लोगों ने ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी जांच बिठाई है। मैं कह सकता हूं कि एसआईटी जांच ''दूध का दूध, पानी का पानी'' करके रहेगी। उन्होंने सभी पक्षों से कहा कि कोई भी अनर्गल टिप्पणी और बातें ना करें, जो रामभक्तों की भावनाओ को आहत करती हों। अगर किसी के पास कोई डॉक्यूमेंट्री प्रूफ है, तो वे एसआईटी को उपलब्ध कराएं, एसआईटी जांच करके देगी।
लोगों के बहकावे में ना आएं
रामभक्तों से मेरी अपील होगी कि प्रभु राम ने हमें मर्यादा का पाठ पढ़ाया है, हमने उसी मर्यादा का पालन करते हुए 500 वर्षों तक प्रभु राम के स्थान को लेने के लिए संघर्ष किया है, 15 दिन और देख लें, इंतजार कर लें, चिंता मत करें। उन्होंने लोगों से कहा कि अयोध्या को बदनाम करने वाले और रामजन्मभूमि को अपमानित करने वाले लोगों के बहकावे में ना आएं, ये लोग कभी नही चाहेंगे कि अयोध्या सम्मान पाए।
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर कसा तंज
सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या के नाम पर 'जयश्रीराम' का नारा लगाने पर ये लोग लाठी-गोली चलाते थे। जिस कांग्रेस ने भगवान राम का मंदिर नहीं बनने देने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था, वही कांग्रेस आज कह रही है कि रामभक्तों का अपमान हो गया। तब क्या रामभक्तों का अपमान नहीं हो रहा था, जब इनके नेता सुप्रीम कोर्ट में शपथपत्र दाखिल करती थी कि राम हुए ही नहीं हैं। श्रीराम के अस्तित्व पर प्रश्न खड़ा कर रही थी। वहीं, समाजवादी पार्टी कहती है कि रामभक्तों का अपमान हुआ। रामभक्तों और कारसेवकों पर गोली चलाने वाले, और 'जयश्रीराम' बोलने पर लाठी भांजने वाले लोग आज उपदेश देने चले हैं।