डिंडोरी में रानी अवंती बाई की प्रतिमा पर चढ़े युवक ने तलवार निकालकर पेट में घोंपने जैसी हरकत की। पुलिस ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद उसे नीचे उतारकर कोतवाली पहुंचाया।
डिंडोरी (मध्य प्रदेश)। जिला मुख्यालय के रानी अवंती बाई चौराहे पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक युवक वीरांगना रानी अवंती बाई की प्रतिमा पर चढ़ गया। हैरानी की बात यह रही कि प्रतिमा तक बिना सीढ़ियों के पहुंचना मुश्किल नजर आता है, इसके बावजूद युवक प्रतिमा के ऊपर कैसे पहुंचा, यह सवाल अब चर्चा का विषय बन गया है। घटना के दौरान चौराहे पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और कई प्रत्यक्षदर्शी अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाते नजर आए।
प्रतिमा की तलवार निकालकर पेट में घुसाने जैसी हरकत करता दिखा युवक
जानकारी के अनुसार, युवक प्रतिमा के ऊपर पहुंचने के बाद वहां लगी वीरांगना रानी अवंती बाई की तलवार को उनके हाथ से निकालता दिखाई दिया। वायरल वीडियो में युवक तलवार को अपने पेट में घुसाने जैसी हरकत करता नजर आ रहा है। इस घटनाक्रम को देखकर मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
आधे घंटे की मशक्कत के बाद युवक को प्रतिमा से उतारकर कोतवाली ले गई पुलिस
सूचना मिलने के बाद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को सुरक्षित नीचे उतारने का प्रयास शुरू किया। बताया जा रहा है कि युवक को प्रतिमा से नीचे उतारने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। लगभग आधे घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद युवक को प्रतिमा से नीचे उतारा जा सका। इसके बाद पुलिस ने युवक को समझाइश दी और उसे डिंडोरी कोतवाली लेकर गई।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित महापुरुषों और वीरांगनाओं की प्रतिमाओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारी आवाजाही वाले चौराहे पर युवक प्रतिमा के ऊपर पहुंचने में कैसे सफल हुआ? जब युवक प्रतिमा पर चढ़ रहा था, तब उसे रोकने के लिए समय रहते प्रयास क्यों नहीं किए गए? वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी का नाम सम्मान और साहस का प्रतीक है। ऐसे में उनकी प्रतिमा पर इस तरह की घटना सामने आना चिंताजनक है।
युवक की मंशा और प्रतिमा पर चढ़ने के कारणों की जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल, पुलिस युवक को कोतवाली ले गई है। घटना के पीछे युवक की मंशा क्या थी और वह प्रतिमा पर कैसे पहुंचा, इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। साथ ही, सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और जिम्मेदारों की भूमिका की पड़ताल भी जरूरी है।
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