ईरान के उत्तर-पश्चिमी जंजान प्रांत में विस्फोट में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के 14 सदस्यों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए।
तेहरान (ईरान)। ईरान के उत्तर-पश्चिमी जंजान प्रांत में विस्फोट में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के 14 सदस्यों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी 'इरना' के अनुसार, शुक्रवार को आईआरजीसी की बम निष्क्रिय करने वाली टीमें जंजान शहर के पास सफाई अभियान चला रही थीं, तभी यह विस्फोट हुआ।
अज्ञात विस्फोटक से हुआ भीषण धमाका
टीमें हाल ही अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों के बाद बचे गोला-बारूद की पहचान और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए वहां पहुंची थीं, तभी यह धमाका हो गया। जंजान में आईआरजीसी की अंसार अल-महदी यूनिट ने अपने बयान कहा है कि यह विस्फोट किसी अज्ञात गोला-बारूद के कारण हुआ। रिपोर्ट में कहा गया कि मारे गए लोग बल के सबसे अनुभवी और विशेष प्रशिक्षित कर्मियों में शामिल थे। इलाके में मौजूद गोला-बारूद में क्लस्टर बम और हवाई हमलों में गिराई गई बारूदी सुरंगें शामिल होने की आशंका है, यानी ये वैसे गोला-बारूद थे, जो बिना फटे जिंदा हालात में वहां पड़े हुए थे।
युद्धविराम के बाद सबसे बड़ी जनहानि
यह घटना आठ अप्रैल को लागू हुए युद्धविराम के बाद आईआरजीसी के कर्मियों की अब तक की सबसे बड़ी जनहानि है। लड़ाई खत्म होने के बाद भी युद्ध के अवशेष कितना बड़ा खतरा बने हुए हैं, यह इस घटना से साफ नजर आ रहा है। आईआरजीसी के अनुसार, उसकी टीमों ने अब तक प्रभावित क्षेत्रों में 15,000 से अधिक बिना फटे गोला-बारूद की पहचान कर उन्हें निष्क्रिय किया है।
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