रेड क्रॉस के अनुसार, अफगानिस्तान में अक्सर भूकंप आते रहते हैं, खासकर हिंदू कुश क्षेत्र में, जो एक अत्यधिक सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र में स्थित है।
काबुल (अफगानिस्तान ) राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार, मंगलवार को अफगानिस्तान में 4.8 तीव्रता का भूकंप आया। एनसीएस ने
X पर एक पोस्ट में बताया कि भूकंप भारतीय मानक समयानुसार सुबह 9:32 बजे 176 किलोमीटर की गहराई पर आया। एनसीएस ने कहा, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.8 था। भूकंप 178 किलोमीटर गहराई में था। अभी तक किसी के घायल होने या नुकसान की कोई खबर नहीं है।
रेड क्रॉस के अनुसार, अफगानिस्तान में अक्सर भूकंप आते रहते हैं, खासकर हिंदू कुश क्षेत्र में, जो एक अत्यधिक सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र में स्थित है।
अफगानिस्तान की भूकंपीय संवेदनशीलता का कारण भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के टकराव क्षेत्र में इसकी स्थिति है। एक प्रमुख फॉल्ट लाइन भी देश के कुछ हिस्सों से होकर गुजरती है, जिसमें हेरात क्षेत्र भी शामिल है। संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (यूनोचा) का कहना है कि अफगानिस्तान भूकंप, भूस्खलन और मौसमी बाढ़ सहित प्राकृतिक आपदाओं के प्रति अत्यधिक संवेदनशील बना हुआ है। बार-बार आने वाले भूकंप के झटके उन समुदायों के लिए स्थिति को और खराब कर देते हैं जो दशकों से चले आ रहे संघर्ष और सीमित विकास से जूझ रहे हैं, जिससे उनमें कई झटकों को सहने की क्षमता बहुत कम रह जाती है। (एएनआई)