पाकिस्तान से वापस भेजे गए अफगानों ने अपना दर्द बयान करते हुए कहा है कि बड़ी संख्या में लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
काबुल। पाकिस्तान से वापस भेजे गए अफगानों ने अपना दर्द बयान करते हुए कहा है कि बड़ी संख्या में लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। 'टोलो न्यूज' के अनुसार, अफगान प्रवासियों ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि उन्हें अपना सारा सामान पाकिस्तान में छोड़कर खाली हाथ लौटना पड़ा।
अफगान प्रवासियों ने साझा किया अपना दर्द
विस्थापन के दौरान हुई कठिनाइयों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वयस्क लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और उनके बच्चों को शिक्षा की सुविधाएं मिलेंगी। पाकिस्तान से लौटने वाले एक बच्चे ने बताया कि वह वहां पांचवीं कक्षा में पढ़ता था। अब वह नहीं चाहता कि उसकी पढ़ाई व्यर्थ जाए। उसने कहा, 'मैं स्कूल लौटना चाहता हूं।'
पाकिस्तानी अधिकारियों ने जबरन निकाला, स्कूल किया बंद
पाकिस्तान से लौटाए गए एक और छात्र ने बताया कि वहां के अधिकारी रोजना चेतावनी देते थे कि उन्हें अफगानिस्तान विस्थापित किया जाएगा। उसने कहा- पाकिस्तानी अधिकारियों ने उन्हें जबरन निकाला, स्कूल बंद कर दिया। अधिकारी हमारे घर रोज आते और चेतावनी देते कि उन्हें जल्द वापस अफगानिस्तान वापस भेजा जाएगा। टोलो न्यूज की मानें तो ढाई हजार आप्रवासी रोज काबुल आ रहे हैं। पंजीकरण और प्रारंभिक सहायता देने के बाद उन्हें उनके प्रांत भेज दिया जा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आप्रवासियों को जरूरी सेवाएं देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
आप्रवासी कैंप पर मौजूद सूचना और सांस्कृतिक मंत्रालय के प्रतिनिधि अब्दुल बसीर सिद्दीकी ने बताया कि यहां विभिन्न क्षेत्रों की सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं हैं। मुफ्त में भोजन सामग्री दी जा रही है। स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रवासियों के टेंटों में हीटर उपलब्ध कराए गए हैं।
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