अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकाम) ने सोमवार को छह ईरानी तेज नावों को नष्ट करने का दावा किया। ये नावें वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही में बाधा डाल रही थीं।
फ्लोरिडा (अमेरिका)। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकाम) ने सोमवार को छह ईरानी तेज नावों को नष्ट करने का दावा किया। उसका कहना है कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य को हासिल करने के लिए सैन्य प्रयास तेज कर रहा है। ये नावें वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही में बाधा डाल रही थीं। इस कार्रवाई में अमेरिकी नौसेना के सी हॉक और अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया गया। सेंटकाम ने 'एक्स' पर जारी बयान में कहा कि क्षेत्र में चल रहे अभियानों के दौरान वाणिज्यिक शिपिंग के लिए खतरा बन रही इन छोटी ईरानी नावों को बेअसर किया गया है।
'प्रोजेक्ट फ्रीडम' के तहत बड़ा ऑपरेशन
यह हमला 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' का हिस्सा है, जिसका मकसद होर्मुज़ जलडमरूमध्य में सुरक्षित नौवहन बहाल करना है। सेंटकाम के अनुसार, इस मिशन के लिए 100 से अधिक विमान तैनात किए गए हैं। इनका संचालन ज़मीन-आधारित ठिकानों और खाड़ी क्षेत्र में मौजूद दो अमेरिकी विमानवाहक पोतों से किया जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर शुरू किए गए इस अभियान में दो अमेरिकी झंडे वाले व्यापारी जहाज पहले ही सैन्य सुरक्षा के साथ जलडमरूमध्य को पार कर चुके हैं।
ईरानी दावों का अमेरिका ने किया खंडन
सेंटकाम ने ईरानी सरकारी मीडिया की उन रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि एक अमेरिकी युद्धपोत पर मिसाइल हमला हुआ। सेंटकाम ने स्पष्ट किया कि किसी भी अमेरिकी नौसेना के जहाज पर कोई हमला नहीं हुआ। ईरानी मीडिया ने दावा किया था कि जास्क के पास एक अमेरिकी फ्रिगेट को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की चेतावनी के बाद भागना पड़ा और उसे नुकसान पहुंचा। सेंटकाम ने कहा कि अरब खाड़ी में तैनात उसके गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक पूरी तरह से सक्रिय और सुरक्षित हैं।
ट्रंप का बयान और ईरान पर सख्त रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सेना की कार्रवाई बहुत अच्छी तरह चल रही है। उनका कहना है कि ईरान की ताकत काफी हद तक खत्म हो चुकी है और उसे किसी भी हालत में परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
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