'बलूच वॉयस फॉर जस्टिस' ने रिटायर डिप्टी कमीशनर मोहम्मद बख्श साजिद, सहित अन्य बलूच लोगों को जबरन गायब किए जाने की तीखी आलोचना की है।
क्वेटा (बलूचिस्तान)। 'बलूच वॉयस फॉर जस्टिस' ने रिटायर डिप्टी कमीशनर मोहम्मद बख्श साजिद, उनके भाई नईम साजिद और बीएनपी पार्टी के चेयरमैन डॉ. नसीम बलूच के रिश्तेदार इंजीनियर रफीक बलूच को जबरन गायब किए जाने की तीखी आलोचना की है। तीनों का हब चौकी से एकदम भोर में अपहरण कर लिया गया।
मुख्यमंत्री की नीति से जोड़ा गया मामला
सोशल मीडिया 'एक्स' पर साझा बयान में इस घटना को मुख्यमंत्री सरफराज बुगटी की खुले तौर पर घोषित सामूहिक दंड नीति से जोड़ा है। 'वक्तव्य में कहा गया है कि राजनीतिक नेताओं के परिवार वालों को लक्ष्य कर की गई यह वारदात स्पष्ट रूप से सामूहिक दंड की कार्रवाई है। यह मानवीय मर्यादा, बुनियादी अधिकारों और नागरिक स्वतंत्रता का उल्लंघन है। ऐसी कार्रवाई का मकसद भय और दमन के जरिए लोगों में भय पैदा करना है और उनके क्षोभ-असंतोष का मुंह बंद करना है।'
संगठन ने उल्लेख किया है कि सामूहिक दंड अंतर्राष्ट्रीय कानूनों के तहत वर्जित है।
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