प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News
  • डोईवाला के मिसरवाला में सड़क किनारे बेहोश मिला युवक, अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच कर रही पुलिस
  • देहरादून: धामी सरकार का डिजिटल क्रांति पर जोर, ई-गवर्नेंस से भ्रष्टाचार पर लगा अंकुश, अब घर बैठे मिलेंगी सरकारी सेवाएं
  • प्रदेश में UCC लागू होने के एक साल पूरे होने पर 27 जनवरी को मनाया जाएगा UCC दिवस, देहरादून में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का होगा आयोजन, मुख्यमंत्री धामी भी होंगे शामिल
  • ज्योतिर्मठ: चार धाम यात्रा के शीतकालीन गद्दी स्थलों सहित पंच बदरी के देव मंदिरों में उमड़ी पर्यटकों की भीड़, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की बढ़ोतरी हुई दर्ज
  • रुड़की: ठंड में सड़कों पर उतरे राज्यमंत्री विनय रोहिला, शीतकालीन व्यवस्थाओं का लिया जायजा, चौराहों पर अलाव की व्यवस्थाओं लिया जायजा
  • आज से दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर अमित शाह, ऋषिकेश के गीता भवन कार्यक्रम में होंगे शामिल
  • ग्रेटर नोएडा: इंजीनियर युवराज की कार बरामद, पूरी तरह क्षतिग्रस्त मिली मृतक इंजीनियर की गाड़ी
  • हरदोई में दो पक्षों में जमकर हुआ विवाद, घर में घुसकर जानलेवा हमला और तोड़फोड़ की गई, पुलिस की जांच में जुटी
  • अमरोहा में 18 साल के युवक ने लगाई फांसी, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, मामले की जांच में जुटी पुलिस

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ‘जुलाई योद्धाओं’ को...

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ‘जुलाई योद्धाओं’ को अभियोग से बचाने के लिए लाएगी अध्यादेश

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार उन 'जुलाई योद्धाओं' को अभियोग से बचाने के लिए एक अध्यादेश लाने की योजना बना रही है, जिनके आंदोलन ने 2024 में तत्कालीन अवामी लीग सरकार के पतन का मार्ग प्रशस्त किया।

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ‘जुलाई योद्धाओं’ को अभियोग से बचाने के लिए लाएगी अध्यादेश

फाइल फोटो |

ढाका। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार उन 'जुलाई योद्धाओं' को अभियोग से बचाने के लिए एक अध्यादेश लाने की योजना बना रही है, जिनके आंदोलन ने 2024 में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग सरकार के पतन का मार्ग प्रशस्त किया। स्थानीय मीडिया की खबरों में मंगलवार को यह जानकारी दी गई।

गृह मामलों के सलाहकार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में हुआ फैसला

'प्रथम आलो' और 'इत्तेफाक' अखबार के मुताबिक 'जुलाई योद्धाओं' को अभियोग से बचाने के लिए अध्यादेश लाने की कवायद की जा रही है। खबरों के मुताबिक, गृह मामलों के सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) जहांगीर आलम चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई बैठक में फैसला लिया गया कि सरकार 1971 के मुक्ति संग्राम के स्वतंत्रता सेनानियों के लिए अवामी लीग सरकार की ओर से अधिनियमित ऐसे ही एक कानून को आधार बनाकर 'जुलाई योद्धाओं' को अभियोग से सुरक्षा प्रदान करने वाला अध्यादेश लाएगी।

दो हालिया घटनाओं के कारण सरकार यह फैसला लेने को हुई प्रेरित 

खबरों में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि दो हालिया घटनाओं ने सरकार को यह कदम उठाने के लिए प्रेरित किया है। पहली घटना में, कानून प्रवर्तन बलों ने 25 दिसंबर को 'जुलाई योद्धा' तहरीमा जन्नत सुरोवी को जबरन वसूली और ब्लैकमेल के आरोप में गिरफ्तार किया। बाद में राजधानी के बाहरी इलाके में स्थित गाजीपुर की एक स्थानीय अदालत ने उन्हें जमानत दे दी।

वहीं दूसरी घटना में, हबीगंज में गत शनिवार को पुलिस ने मेहदी हसन को गिरफ्तार किया। यह घटना हसन के भीड़ के साथ एक स्थानीय पुलिस थाने पहुंचने और प्रभारी अधिकारी (ओसी) को धमकी देने के एक दिन बाद हुई। हबीगंज की एक अदालत ने अगले दिन उसे जमानत पर रिहा कर दिया।

'जुलाई योद्धाओं' की गिरफ्तारी के बाद ढाका सहितत विभिन्न शहरों में हुआ था विरोध-प्रदर्शन

दो 'जुलाई योद्धाओं' की गिरफ्तारी के बाद ‘स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन’ के कार्यकर्ताओं ने ढाका, हबीबगंज और अन्य शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन किया था। उन्होंने तहरीमा और हसन की बिना शर्त रिहाई के साथ-साथ भविष्य में 'जुलाई योद्धाओं' को अभियोग से बचाने के लिए विशेष कानूनी प्रावधान करने की मांग की थी।

सूत्रों के अनुसार, अंतरिम सरकार इन विरोध-प्रदर्शनों के बाद 'जुलाई योद्धाओं' को अभियोग से संरक्षण प्रदान करने के लिए अध्यादेश लाने की तैयारी कर रही है।

यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/state/cricket-players-take-to-the-field-in-cultural-attire-commentary-in-sanskrit/103895

पारंपरिक परिधान में खेल के मैदान में उतरे क्रिकेट खिलाड़ी, संस्कृत में हो रहा कमेंट्री

Related to this topic: