भारत और रूस के बीच शुक्रवार को हुए 23वें शिखर सम्मेलन को सफल माना जा रहा है। इसमें दोनों राष्ट्रों के बीच परंपरागत रक्षा, परमाणु ऊर्जा और तेल के क्षेत्र से आगे बढ़कर mcP
भारत-रूस संबंधों को विस्तार देने में सफल रही पुतिन की यात्रा
परंपरागत क्षेत्रों से आगे बढ़कर 16 समझौते
नई दिल्ली। भारत और रूस के बीच शुक्रवार को हुए 23वें शिखर सम्मेलन को सफल माना जा रहा है। इसमें दोनों राष्ट्रों के बीच परंपरागत रक्षा, परमाणु ऊर्जा और तेल के क्षेत्र से आगे बढ़कर व्यापार, अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, संस्कृति और मीडिया से जुड़े क्षेत्रों में 16 समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
शिखर सम्मेलन के बाद विदेशी मामलों के विशेषज्ञ रोबिंदर सचदेव ने एएनआई से भेटवार्ता में कहा कि दोनों देशों के एजेंडे में महत्वपूरण बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि शिखर वार्ता के परिणामों से दिख रहा है कि बदल रहे विश्व परिदृश्य में दोनों पक्षों की प्राथमिकताओं में महत्वपूर्ण रूप से विस्तार हुआ है।
सचदेव ने कहा कि यह शिखर सम्मेलन बेस कैम्प की तरह है। इसमें बाकी पड़े बहुत से मुद्दों पर विचार किया गया जिनकी वजह से दोनों देशों के बीच संबंधों की प्रगति की रफ्तार सुस्त पड़ी थी। पुतिन की यात्रा के दौरान हुए इस सम्मेलन को दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक भागीदारी को मजबूत बनाने की दिशा में आवश्यक कदम माना जा रहा है
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