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Donald Trump की धमकी से तेल 111 डॉलर पार

ट्रंप की ईरान को धमकी से कच्चे तेल में उछाल, ब्रेंट 111 डॉलर पार

वाशिंग्टन। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ युद्धविराम और मध्यस्थता की चर्चाओं के बीच एक बार फिर ईरान के ठिकानों पर हमले की धमकी दी है।

ट्रंप की ईरान को धमकी से कच्चे तेल में उछाल ब्रेंट 111 डॉलर पार

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वाशिंग्टन। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ युद्धविराम और मध्यस्थता की चर्चाओं के बीच एक बार फिर ईरान के ठिकानों पर हमले की धमकी दी है। ट्रंप के इस सख्त रुख का असर तेल बाजार पर साफ दिखा और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया।

बाजार में आई तेज उछाल

7 अप्रैल 2026 को कारोबार शुरू होते ही कच्चा तेल चार साल के उच्च स्तर के करीब पहुंच गया। अमेरिकी WTI क्रूड 115 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया, जबकि ब्रेंट क्रूड 111 डॉलर से ऊपर कारोबार करता दिखा।

वैश्विक संकट की बढ़ी आशंका

तेल की कीमतों में इस तेजी ने वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंका को बढ़ा दिया है। इसके साथ ही भारत जैसे देशों में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का खतरा भी गहरा गया है।

युद्धविराम की उम्मीदों को झटका

Iran और United States के बीच युद्धविराम को लेकर बातचीत की खबरें सामने आई थीं, लेकिन ईरान ने इन्हें खारिज कर दिया। संघर्ष अब छठे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है।

होर्मुज बना तनाव का केंद्र

Strait of Hormuz को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का परिवहन होता है।

ट्रंप की कड़ी चेतावनी

राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर होर्मुज मार्ग नहीं खोला गया, तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने यहां तक कहा कि अमेरिकी सेना ईरान के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा सकती है।

ईरान की जवाबी चेतावनी

ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान ने भी सख्त रुख अपनाया है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने साफ कहा कि मौजूदा हालात में जलडमरूमध्य नहीं खोला जाएगा और यदि दबाव बढ़ा, तो खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा ढांचे पर हमले तेज हो सकते हैं।

ओपेक+ ने बढ़ाया उत्पादन

वैश्विक आपूर्ति को स्थिर रखने के लिए OPEC+ और सहयोगी देशों ने उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है। सऊदी अरब, रूस, इराक, यूएई, कुवैत, कजाखस्तान, अल्जीरिया और ओमान सहित आठ देशों ने मई 2026 से उत्पादन बढ़ाने पर सहमति जताई है।

आगे और बढ़ सकती हैं कीमतें

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहता है, तो वैश्विक सप्लाई चेन पर गंभीर असर पड़ेगा। इससे तेल की कीमतों में और तेजी आ सकती है, हालांकि ओपेक+ का कदम इस दबाव को कुछ हद तक कम कर सकता है।

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https://www.primenewsnetwork.in/india/iran-war-russia-halts-fertilizer-exports/155144

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