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यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड की रक्षा

यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड की सार्वभौमता की रक्षा का संकल्प लिया

ब्रुसेल्स (बेल्जियम)। यूरोपीय नेताओं ने यूरोप की रणनीतिक आर्थिक और सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड और किंगडम आफ डेनमार्क की सार्वभौमता कायम रखने का संकल्प लिया।

यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड की सार्वभौमता की रक्षा का संकल्प लिया

Arctic Endurance joint statement |

यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड की रक्षा

 यूरोपीय नेताओं ने यूरोप की रणनीतिक आर्थिक और सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड और किंगडम आफ डेनमार्क की सार्वभौमता कायम रखने का संकल्प लिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड को अपने कब्जे मे लेना चाहते हैं। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सला वान डेर लियेन ने 'एक्स' पर जारी अपने वक्तव्य में  बताया कि उन्होंने नाटो के महासचिव मार्क रुट्टे, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रां, ब्रिटेन के प्रधानंमत्री केर स्टार्मर, जर्मनी के चांस्लर फ्रैडरिच मेर्ज,  इटली के प्रधानमंत्री ज्योर्जिया मेलोनी से ग्रीनलैंड को लेकर हाल के तनाव पर वार्ता की है।  सबने मिलकर ग्रीनलैंड और किंगडम आफ डेनमार्क की सार्वभौमता की रक्षा का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों का हम मिलकर सामना करेंगे।  ट्रंप का कहना है कि जब ग्रीनलैंड की खरीद पर समझौता नहीं हो जाता, तब तक यह टैरिफ इन देशों पर लागू रहेंगे।

यूरोपीय देशों का संयुक्त बयान

उधर, एक अन्य समाचार के अनुसार, डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, नॉर्वे, स्वीडन और ब्रिटेन की ओर से एक संयुक्त बयान जारी किया गया है। इस बयान को डेनिश विदेश मंत्रालय ने भी साझा किया है। इसमें कहा गया कि आर्कटिक एंड्योरेंस अभ्यास किसी के लिए खतरा नहीं है और ये देश डेनमार्क और ग्रीनलैंड के लोगों के साथ पूर्ण एकजुटता में खड़े हैं। बयान में यह भी कहा गया कि टैरिफ की धमकियां ट्रांसअटलांटिक (अटलांटिक महासागर के आर-पार के देशों के) संबंधों को कमजोर करती हैं और खतरनाक स्थिति पैदा कर सकती हैं। इसमें कहा गया, नाटो के सदस्य होने के नाते हम आर्कटिक सुरक्षा को साझा ट्रांसअटलांटिक हित के रूप में मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सहयोगियों के साथ पूर्व-निर्धारित डेनिश अभ्यास 'आर्कटिक एंड्योरेंस' इसी आवश्यकता का जवाब है। यह किसी के लिए खतरा नहीं है। हम डेनमार्क और ग्रीनलैंड के लोगों के साथ पूर्ण एकजुटता में खड़े हैं।  इसमें आगे कहा गया, हम पिछले सप्ताह शुरू हुई प्रक्रिया के आधार पर अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सिद्धांतों के अनुसार बातचीत के लिए तैयार हैं। टैरिफ की धमकियां ट्रांसअटलांटिक संबंधों को कमजोर करती हैं और खतरनाक स्थिति पैदा कर सकती हैं। हम अपने जवाब में एकजुट रहें और तालमेल बनाकर रखेंगे और हम अपनी संप्रभुता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 

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