बोस्टन। United States में अवैध रूप से रह रहे 11 भारतीय नागरिकों पर सुविधा स्टोरों और रेस्तरां में फर्जी सशस्त्र डकैती की घटनाओं के जरिए वीजा के लिए धोखाधड़ी करने की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है।
बोस्टन। अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे 11 भारतीय नागरिकों पर सुविधा स्टोरों और रेस्तरां में फर्जी सशस्त्र डकैती की घटनाओं के जरिए वीजा के लिए धोखाधड़ी करने की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है।
नकली डकैती की बनाई गई योजना
संघीय अभियोजकों के अनुसार, संदिग्धों ने नकली डकैतियों की योजना बनाई जिसमें एक व्यक्ति ने लुटेरे का रूप धारण करके दुकान के कर्मचारियों को एक नकली बंदूक से धमकाया और नकदी लूट ली। यह पूरी घटना निगरानी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई।
यू वीजा पाने के लिए रची साजिश
बाद में क्लर्कों ने पुलिस में अपराध की सूचना दी और दावा किया कि वे हिंसक अपराध के शिकार हुए हैं ताकि वे यू वीजा के लिए आवेदन कर सकें और कार्य करने की अनुमति तथा ग्रीन कार्ड प्राप्त कर सकें।
योजना में शामिल होने के लिए दी रिश्वत
अधिकारियों का कहना है कि प्रतिभागियों ने कथित तौर पर इस योजना में भाग लेने के लिए आयोजक को रिश्वत भी दी थी।
इन लोगों पर लगा आरोप
जिन पर वीजा धोखाधड़ी की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है उनमें 39 वर्षीय जीतेंद्र कुमार पटेल, 36 वर्षीय महेश कुमार पटेल, 45 वर्षीय संजय कुमार पटेल, 40 वर्षीय दीपिकाबेन पटेल, 52 वर्षीय रमेशभाई पटेल, 43 वर्षीय अमिताभ बेन पटेल, 28 वर्षीय रौनक कुमार पटेल, 36 वर्षीय संगीताबेन पटेल, 42 वर्षीय मिंकेश पटेल, 42 वर्षीय सोनल पटेल और 40 वर्षीय मितुल पटेल शामिल हैं।
अमेरिका के अलग-अलग राज्यों में रह रहे थे
ये सभी लोग अमेरिका के विभिन्न राज्यों जैसे- मैसाचुसेट्स, केंटकी और ओहियो में गैरकानूनी रूप से रह रहे थे।