पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर तनाव चरम पर पहुंच गया है।
बलूचिस्तान (पाकिस्तान)। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर तनाव चरम पर पहुंच गया है। क्वेटा की हुड्डा जेल के बाहर बलोच यकजेहती कमेटी (BYC) के कैद नेताओं के परिवारों ने एक बड़ा धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारी अपनी प्रमुख नेता डॉ. माहरंग बलोच और अन्य सदस्यों के खिलाफ जेल के अंदर चल रही गुप्त अदालती कार्यवाही (सीक्रेट ट्रायल) को तुरंत रोकने और अपनों से मिलने की इजाजत देने की मांग कर रहे हैं।
भूख हड़ताल के साथ तेज हुआ आंदोलन
बलूचिस्तान पोस्ट के मुताबिक, यह विरोध प्रदर्शन जेल में बंद बीवाईसी नेताओं द्वारा चल रहे भूख हड़ताल और धरने के साथ हुआ, जो लगातार आठवें दिन भी जारी रहा। बताया जाता है कि बंदियों ने उन कानूनी कार्यवाही को स्वीकार करने से इनकार कर दिया जिन्हें वे अपारदर्शी बता रहे हैं और जो उनकी उपस्थिति और उनकी पसंद के वकीलों के प्रतिनिधित्व के बिना संचालित की जा रही हैं।
नादिया बलोच ने उठाई निष्पक्ष सुनवाई की मांग
प्रदर्शन के दौरान डॉ. माहरंग बलोच की बहन नादिया बलोच ने कहा कि परिवार जेल में बंद अपने नेताओं के साथ मजबूती से खड़ा है और निष्पक्ष कानूनी व्यवहार की मांग करता है। नादिया बलोच ने मांग की कि, "इस कथित 'फेसलेस ट्रायल' (बिना चेहरे की सुनवाई) को तुरंत रोका जाना चाहिए, अदालती कार्यवाही खुले तौर पर हो और मौजूदा जज को बदला जाए क्योंकि मौजूदा प्रक्रिया में निष्पक्षता का अभाव है।" नादिया ने यह भी कहा कि परिवार वाले कैदियों की भलाई को लेकर बेहद चिंतित हैं और उनसे सीधे मुलाकात की मांग कर रहे हैं। उन्होंने संकल्प जताया कि जब तक यह अन्याय और दमन खत्म नहीं होता, उनका यह अभियान जारी रहेगा।
पुलिस पहुंचने से बढ़ा तनाव, मिला मुलाकात का आश्वासन
प्रदर्शन के दौरान उस वक्त भारी तनाव फैल गया जब हुड्डा जेल के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंच गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सुरक्षाकर्मियों ने वहां मौजूद परिजनों को डराने-धमकाने की कोशिश की। हालांकि, बाद में प्रशासन और अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि आज ही के दिन कैदियों से परिजनों की मुलाकात करा दी जाएगी। इस आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी जेल के ठीक सामने से हटकर सड़क के किनारे अपना धरना जारी रखने पर सहमत हुए।
बलोच वीमेन फोरम ने जताई गहरी चिंता
दूसरी ओर, बलोच वीमेन फोरम की मुख्य आयोजक शाली बलोच ने इस पूरे घटनाक्रम और प्रदर्शनकारियों के साथ किए जा रहे बर्ताव की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने स्थिति को बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा कि परिवार सिर्फ अपने प्रियजनों के बारे में जानकारी और चल रही कानूनी प्रक्रिया में पारदर्शिता चाहते हैं, जो उनका हक है। (Source: ANI)
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